लखनऊ में रात के अंधेरे में खड़ी जेसीबी से टकराई स्कूटी, मिठाई कारीगर की मौत
4:38 PM, Nov 4, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के महानगर इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देर रात काम से घर लौट रहे एक मिठाई कारीगर की स्कूटी सड़क किनारे खड़ी जेसीबी मशीन से टकरा गई। हादसा इत

photo by - ( AI )
लखनऊ के महानगर इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देर रात काम से घर लौट रहे एक मिठाई कारीगर की स्कूटी सड़क किनारे खड़ी जेसीबी मशीन से टकरा गई। हादसा इतना भयानक था कि हेलमेट पहनने के बाद भी कारीगर को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।
अंधेरे के कारण नहीं दिखी सड़क पर खड़ी मशीन
मिली जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय रामनाथ यादव सुशांत गोल्फ सिटी के पास सरदार पटेल नीलमथा इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह कपूरथला की एक नामी मिठाई दुकान पर कारीगर के रूप में काम करते थे और रोज की तरह सोमवार को भी अपनी ड्यूटी पर गए थे। उनके बेटे अंकित ने बताया कि सोमवार देर रात करीब 2 बजे उनके पिता अपनी स्कूटी से वापस घर लौट रहे थे। जब वह महानगर क्षेत्र की मुख्य सड़क से गुजर रहे थे, तभी वहां सड़क किनारे एक जेसीबी मशीन खड़ी हुई थी। रात का वक्त होने और सड़क पर सही रोशनी न होने की वजह से रामनाथ को अंधेरे में खड़ी वह भारी-भरकम मशीन दिखाई नहीं दी। रफ्तार थोड़ी तेज होने के कारण जब तक वह संभल पाते, उनकी स्कूटी सीधे जेसीबी से जा टकराई।
सुरक्षा के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए
इस टक्कर में रामनाथ स्कूटी से दूर जा गिरे और उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि रामनाथ नियमों का पालन कर रहे थे और उन्होंने सफर के दौरान हेलमेट भी पहन रखा था, लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि हेलमेट भी उनकी जान नहीं बचा सका। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अस्पताल में कुछ समय चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने रामनाथ को मृत घोषित कर दिया। रामनाथ अपने पीछे पत्नी मंजू, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। वह अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रात के वक्त बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के सड़क पर जेसीबी क्यों खड़ी की गई थी।


