रामलला के दरबार में सुरक्षा चूक! कंप्यूटर ID हैक कर बनाए नकली VVIP दर्शन पास
4:10 PM, Sep 11, 2026
R Express भारत
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अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगी है, जहां हैकर्स ने कंप्यूटर सिस्टम में घुसकर फर्जी वीवीआईपी दर्शन पास तैयार कर दिए।

photo by ( CHAT GPT )
उत्तर प्रदेश। अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगी है, जहां हैकर्स ने कंप्यूटर सिस्टम में घुसकर फर्जी वीवीआईपी दर्शन पास तैयार कर दिए। इस बड़े साइबर खेल का खुलासा तब हुआ जब सुरक्षा जांच के दौरान गेट पर कुछ फर्जी पास पकड़े गए। इस घटना के बाद मंदिर प्रबंधन अलर्ट पर है और अब चढ़ावे के पैसों में पारदर्शिता लाने के लिए मशीनों से गिनती और उसे वेबसाइट पर लाइव दिखाने की बड़ी तैयारी चल रही है।
कैसे खुली साइबर जालसाजी की पोल?
मंदिर परिसर में रोजाना देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वीवीआईपी और विशेष दर्शन के लिए पास काउंटर बनाए गए हैं, जहां बैठे ऑपरेटरों की कंप्यूटर लॉग-इन आईडी को चालाकी से हैक कर लिया गया। हैकर्स ने इन असली आईडी का इस्तेमाल करके बैकएंड से कई फर्जी वीवीआईपी दर्शन पास जनरेट कर दिए।
जब कुछ लोग इन पासों को लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को पास के बारकोड और डिटेल्स पर शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि सिस्टम में इन पासों का कोई असली रिकॉर्ड ही नहीं था। हालांकि, सुरक्षाबलों ने श्रद्धालुओं को परेशान नहीं किया और उन्हें सामान्य तरीके से दर्शन करने दिए, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए टाटा की साइबर और टेक्निकल टीम को काम पर लगाया गया है, जो यह पता लगा रही है कि सिस्टम में यह सेंधमारी कहां से और कैसे हुई।
चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब होगा लाइव
इस सुरक्षा चूक और पिछले कुछ समय में सामने आई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए अब मंदिर के भीतर चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह बदलने का फैसला किया गया है। अब भक्तों द्वारा दान किए गए कैश और कीमती सामानों की गिनती इंसानों के भरोसे छोड़ने के बजाय आधुनिक मशीनों से की जाएगी।
इसके साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए मंदिर ट्रस्ट एक नया डिजिटल सिस्टम तैयार कर रहा है। इसके तहत रोजाना मंदिर में आने वाले चढ़ावे का पूरा और सटीक हिसाब-किताब सीधे राम मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव दिखाया जाएगा। इससे हर भक्त को यह साफ-साफ पता चल सकेगा कि आज रामलला के दरबार में कितना दान आया है, जिससे किसी भी तरह की हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

