SGPGI परीक्षा रद्द: दफ्तर में OMR शीट भरने का आरोप, अब STF करेगी जांच
12:55 PM, Nov 2, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा में हुए बड़े बवाल के बाद परीक्षा को रद

photo by - ( chat GPT )
लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा में हुए बड़े बवाल के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। परीक्षा के तुरंत बाद अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीटको दफ्तर में बैठकर गुपचुप तरीके से भरे जाने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना से नाराज युवाओं ने केंद्र पर जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद मामले की कमान स्पेशल टास्क फोर्स को सौंप दी गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह परीक्षा रविवार को लखनऊ के एसजीपीजीआई परिसर और अन्य तय केंद्रों पर आयोजित की गई थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन परीक्षा खत्म होते ही अभ्यर्थियों को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी। अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा खत्म होने के बाद भी कुछ ओएमआर शीट को सील नहीं किया गया था। आरोप है कि इन कॉपियों को पिछले दरवाजे से संस्थान के ही एक दफ्तर में ले जाया गया, जहां इन्हें बैठकर भरा जा रहा था।
जैसे ही यह बात बाहर मौजूद अभ्यर्थियों तक पहुंची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। युवाओं ने परीक्षा केंद्र के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते वहां भारी हंगामा खड़ा हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है और मेहनत करने वाले छात्रों की जगह पैसों के दम पर ओएमआर शीट भरवाई जा रही थी।
बैकफुट पर आया प्रबंधन, परीक्षा हुई निरस्त
शुरुआत में संस्थान के जिम्मेदार लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थियों का आक्रोश और उनके पास मौजूद सबूतों के आगे प्रबंधन को झुकना पड़ा। माहौल बिगड़ता देख और धांधली के पुख्ता आरोपों को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत बैठक बुलाई। इसके बाद इस हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने का फैसला लिया गया। प्रबंधन ने माना कि परीक्षा की शुचिता से समझौता हुआ है, इसलिए इसे दोबारा कराया जाएगा।
एसटीएफ को सौंपी गई कमान
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर बवाल की वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। इस पूरे खेल के पीछे कौन सा सिंडिकेट काम कर रहा है और संस्थान के कौन-से कर्मचारी इसमें शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी गई है। एसटीएफ की टीम ने परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज, ओएमआर शीट के बंडल और वहां तैनात कर्मचारियों के मोबाइल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। शुरुआती इनपुट के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।
अभ्यर्थियों की मांग: पारदर्शी तरीके से हो दोबारा परीक्षा
इस घटना के बाद दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश है। युवाओं का कहना है कि वे सालों तक दिन-रात एक करके तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा माफिया चंद पैसों के लिए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देते हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि इस बार परीक्षा कराने वाली एजेंसी को बदला जाए और अगली बार जब भी परीक्षा हो, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी न हो सके। संस्थान ने जल्द ही नई तारीखों का ऐलान करने की बात कही है।


