होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

लखनऊ में 8 बकरियों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पड़ोसियों पर जहर देने का सनसनीखेज आरोप

1:33 PM, Jun 11, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

माल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गागन बरौली में एक गरीब परिवार की आठ बकरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना के बाद से गांव में तन

लखनऊ में 8 बकरियों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पड़ोसियों पर जहर देने का सनसनीखेज आरोप

8 बकरियों की संदिग्ध मौत से हड़कंप सौ0 RExpress भारत

लखनऊ।  माल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गागन बरौली में एक गरीब परिवार की आठ बकरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार ने अपने ही पड़ोसियों पर बकरियों को जानबूझकर जहरीला पदार्थ खिलाकर मारने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में न्याय की गुहार लगाते हुए स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा गया है।

पुरानी दुश्मनी में बेजुबानों की ली जान

मिली जानकारी के मुताबिक, गागन बरौली गांव की निवासी राजकुमारी (पत्नी स्वर्गीय रामकिशोर) अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बकरी पालन का काम करती हैं। राजकुमारी का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंगों से उनके परिवार की लंबे समय से पुरानी रंजिश और विवाद चल रहा है। नामजद आरोपियों में फूलचंद्र (पुत्र हुलासी मौर्य), मिंटू (पुत्र हुलासी), गुड्डू, गातू (पुत्रगण फूलचंद्र) और राजकुमारी (पत्नी फूलचंद्र) शामिल हैं। आरोप है कि यह लोग अक्सर पीड़ित परिवार को देख लेने और बकरियों को नुकसान पहुंचाने की धमकियां देते रहते थे।

साजिश के तहत छिड़का गया जहरीला पदार्थ

पीड़िता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में घटना की पूरी कड़ियों का खुलासा किया है। शिकायत के अनुसार, बीते दिनों आरोपियों ने अपनी नर्सरी से हरे और ताजे पत्ते तोड़े। इसके बाद उन पत्तों को अपने घर के पास बने एक गड्ढे में इकट्ठा किया गया। आरोप है कि इन पत्तों पर किसी बेहद खतरनाक और जानलेवा जहरीले रसायन का छिड़काव किया गया। साजिश को अंजाम देने के लिए इन जहरीले पत्तों को पीड़िता के मकान और बाड़े के बिल्कुल नजदीक फेंक दिया गया, ताकि बकरियां उन्हें आसानी से चर सकें।

तड़प-तड़प कर तीन दिन में हुई मौतें

रोज की तरह जब बकरियां बाड़े से बाहर आईं, तो उन्होंने वहां पड़े उन हरे पत्तों को खा लिया। पत्ते खाने के कुछ ही समय बाद बकरियों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनके मुंह से झाग आने लगा और वे तड़पने लगीं। देखते ही देखते तीन दिनों के भीतर एक-एक कर कुल आठ दुधारू और कीमती बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पीड़ित महिला के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी अक्सर कहते थे कि अगर बकरियां उनके खेतों या आसपास दिखीं, तो वे उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए बड़े सवाल

इस पूरे संवेदनशील मामले में स्थानीय माल थाना पुलिस की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बकरियों की मौत की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने कानूनन जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मृत बकरियों का सरकारी डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराए बिना ही उन्हें जल्दबाजी में जमीन में दफनवा दिया। पोस्टमार्टम न होने की वजह से मौत के पुख्ता और वैज्ञानिक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, जिसका फायदा आरोपियों को मिल सकता है।

न्याय के लिए भटक रही बेसहारा विधवा

पति की मौत के बाद राजकुमारी ही अपने परिवार का एकमात्र सहारा हैं। उनका कहना है कि पुलिस स्थानीय रसूखदारों के दबाव में मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है। वह न्याय की मांग को लेकर लगातार माल थाने से लेकर जिले के आला पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेजुबान जानवरों के साथ हुई इस क्रूरता को लेकर स्थानीय लोगों में भी अंदरूनी गुस्सा पनप रहा है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026