अडानी ग्रुप को झटका: ड्यूटी-फ्री दुकानों पर कोर्ट सख्त, SEBI ने लगाया जुर्माना
2:20 PM, Sep 23, 2026
R Express भारत
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अडानी ग्रुप के लिए कानूनी और रेगुलेटरी मोर्चे से एक साथ दो बड़ी मुश्किलें सामने आई हैं। ग्रुप को एक ही दिन में बॉम्बे हाई कोर्ट और बाजार नियामक सेबी से बड़

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। अडानी ग्रुप के लिए कानूनी और रेगुलेटरी मोर्चे से एक साथ दो बड़ी मुश्किलें सामने आई हैं। ग्रुप को एक ही दिन में बॉम्बे हाई कोर्ट और बाजार नियामक सेबी से बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहाँ हाई कोर्ट ने हवाई अड्डों पर चल रही ग्रुप की दुकानों को लेकर सख्त रुख अपनाया है, वहीं दूसरी तरफ सेबी ने नियमों की अनदेखी के पुराने मामले में ग्रुप की कंपनियों से भारी रकम वसूली है।
पहला झटका: हवाई अड्डे की दुकानें नहीं हैं देश के कानून से ऊपर
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अडानी ग्रुप की एक याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मामला हवाई अड्डों पर मौजूद ड्यूटी-फ्री दुकानों से जुड़ा था। ग्रुप का तर्क था कि इन दुकानों पर बिकने वाला सामान अंतरराष्ट्रीय सीमा के तकनीकी दायरे में आता है, इसलिए उन पर स्थानीय या घरेलू नियम पूरी तरह लागू नहीं होने चाहिए।
हाई कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह नकार दिया। अदालत ने साफ लफ्जों में कहा कि भारत की धरती पर मौजूद कोई भी दुकान या कारोबार देश के कानूनों से अछूता नहीं रह सकता। ड्यूटी-फ्री दुकानों को भी देश के सभी व्यापारिक और कानूनी नियमों का पालन करना ही होगा। इस फैसले को अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट बिजनेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
दूसरा झटका: नियमों को छिपाने पर सेबी की कार्रवाई
इसके साथ ही, बाजार नियामक सेबी ने भी अडानी ग्रुप की कंपनियों पर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की है। यह मामला कंपनियों से जुड़ी जरूरी जानकारियों को समय पर न बताने से जुड़ा था।
सेबी के मुताबिक, नियमों की इस अनदेखी के मामले को रफा-दफा करने के लिए अडानी की कंपनियों ने 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए हर छोटी-बड़ी जानकारी निवेशकों और रेगुलेटर को देना जरूरी होता है। इस मामले में पारदर्शिता न बरतने की वजह से ग्रुप को यह हर्जाना भुगतना पड़ा है।
क्या होगा इसका असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि, इन दोनों फैसलों से अडानी ग्रुप की साख पर सीधा असर पड़ सकता है। खासकर शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए ग्रुप को अब अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा। आने वाले दिनों में इसका असर ग्रुप के शेयरों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

