झटका: महंगा हुआ WhatsApp Business API, हर मैसेज के लगेंगे पैसे
4:34 PM, Oct 1, 2026
R Express भारत
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मेटा ने भारत समेत वैश्विक बाजारों में अपने लोकप्रिय कम्युनिकेशन्स प्लेटफॉर्म WhatsApp Business API की प्राइसिंग पॉलिसी (कीमतों) में बड़ा बदलाव कर दिया है।

sketch by - ( AI )
मेटा ने भारत समेत वैश्विक बाजारों में अपने लोकप्रिय कम्युनिकेशन्स प्लेटफॉर्म WhatsApp Business API की प्राइसिंग पॉलिसी (कीमतों) में बड़ा बदलाव कर दिया है। 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हुए इन नए नियमों के तहत अब कंपनियों को अपने ग्राहकों से संवाद करना पहले से काफी महंगा पड़ने वाला है। मेटा ने पहले से मिल रही मुफ्त संदेशों की सुविधा को खत्म कर 'पर-मैसेज' (प्रति संदेश) चार्ज वसूलने का फैसला किया है।
डिलीवरी अपडेट और ऑर्डर कन्फर्मेशन के लगेंगे पैसे
नए नियमों के अनुसार, कंपनियों द्वारा ग्राहकों को भेजे जाने वाले यूटिलिटी और सर्विस मैसेजेस पर अब सीधा शुल्क लिया जाएगा। इसमें ग्राहकों को मिलने वाले ऑर्डर कन्फर्मेशन, डिलीवरी स्टेटस, बैंकिंग अलर्ट और अकाउंट अपडेट जैसे जरूरी नोटिफिकेशन शामिल हैं।
अब तक के नियम के तहत, जब कोई यूजर किसी बिजनेस को मैसेज करता था, तो अगले 24 घंटे के कस्टमर सर्विस विंडो के भीतर कंपनी द्वारा दिए जाने वाले जवाब पूरी तरह से फ्री होते थे। लेकिन अब इस फ्री विंडो की सुविधा को समाप्त कर दिया गया है। भारत में कंपनियों को बेसलाइन यूटिलिटी और सर्विस मैसेजेस के लिए 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज (बिना जीएसटी के) का भुगतान करना होगा।
छोटे कारोबारियों और आम जनता को राहत
मेटा ने स्पष्ट किया है कि इस बढ़ी हुई कीमतों का असर आम व्हाट्सएप यूजर्स पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। सामान्य लोगों के लिए व्हाट्सएप पहले की तरह ही पूरी तरह मुफ्त रहेगा। इसके साथ ही, यह बदलाव केवल WhatsApp Business API का उपयोग करने वाली बड़ी और मध्यम दर्जे की कंपनियों पर लागू होगा। जो छोटे दुकानदार या स्टार्टअप सामान्य 'WhatsApp Business App' का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा।
पेमेंट मेथड न होने पर ब्लॉक हो सकती है सर्विस
मेटा ने सभी संबंधित कंपनियों और सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स को सख्त हिदायत दी थी कि वे अपने अकाउंट के साथ वैलिड पेमेंट मोड लिंक कर लें। जिन कंपनियों ने समय सीमा के भीतर अपना पेमेंट क्रेडेंशियल अपडेट नहीं किया है, उनकी आउटबाउंड मैसेजिंग और सर्विस डिलीवरी को मेटा द्वारा तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाएगा।
कंपनियों को दी गई थोड़ी सी राहत
बिजनेसेज को पूरी तरह से नुकसान न हो, इसके लिए मेटा ने प्रति फोन नंबर हर महीने 1,000 सर्विस मैसेजेस मुफ्त देने का प्रावधान भी रखा है। इसके बाद भेजे जाने वाले हर एक मैसेज पर तय दरें लागू होंगी। इसके अलावा, जो ग्राहक फेसबुक या इंस्टाग्राम विज्ञापनों के जरिए सीधे व्हाट्सएप चैट पर आते हैं, उनके लिए फ्री एंट्री पॉइंट विंडो की सुविधा जारी रहेगी। इस बदलाव के बाद अब ई-कॉमर्स, बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों को अपने व्हाट्सएप मार्केटिंग बजट और ऑटोमेशन स्ट्रैटेजी को नए सिरे से तैयार करना होगा।

