शटरिंग कारीगर की बेरहमी से हत्या, मुख्य आरोपी केजीएमयू से दबोचा गया
7:27 PM, Jul 4, 2026
R Express भारत
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पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेरथुवा गांव में शुक्रवार की दोपहर सरेराह खून-खराबा देखकर इलाका दहल उठा।

मुख्य आरोपी केजीएमयू से दबोचा गया फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ।पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेरथुवा गांव में शुक्रवार की दोपहर सरेराह खून-खराबा देखकर इलाका दहल उठा। पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने एक शटरिंग कारीगर पर धारदार और जानलेवा हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मुख्य आरोपी को केजीएमयू परिसर से दबोच लिया है। पकड़े गए अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास है और वह इलाके का घोषित अपराधी भी रह चुका है। फिलहाल वारदात में शामिल अन्य हमलावरों की तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
दुपहरिया में गूंजी चीखें, सरेआम उतारा मौत के घाट
मिली जानकारी के अनुसार, सेरथुवा गांव का रहने वाला अभिषेक रावत 25 वर्षीय शटरिंग कारीगर के रूप में काम करता था। शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे वह रोज की तरह अपने काम के सिलसिले में निकला था। तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया। इससे पहले कि अभिषेक कुछ समझ पाता या अपनी जान बचाकर भागता, हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर दौड़ते, हमलावर अभिषेक को लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो चुके थे। आनन-फानन में घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। अभिषेक की मां पुष्पा रावत के आंसुओं ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। रोती-बिलखती मां की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ईश्वरी खेड़ा के रहने वाले अखिलेश रावत सहित उसके सात अन्य साथियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि, हमलावर काफी समय से अभिषेक से खार खाए बैठे थे और लगातार उसे भुगतने की धमकी दे रहे थे।
अस्पताल में छिपा बैठा था शातिर अपराधी, पुराना है रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपियों की टोह में लग गईं। मुखबिरों के तंत्र और सर्विलांस की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी अखिलेश रावत खुद को बचाने के लिए लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में छिपा हुआ है। घेराबंदी करके पुलिस ने उसे अस्पताल परिसर से ही दबोच लिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसकी अभिषेक से पुरानी दुश्मनी चल रही थी, जिसे चुकाने के लिए उसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपी अखिलेश का रिकॉर्ड बेहद खूंखार है। उस पर पहले से कई थानों में सात गंभीर मामले दर्ज हैं और उसकी हरकतों की वजह से उसे पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका था।
अभिषेक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों को देखते हुए गांव में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि मुख्य साजिशकर्ता अब सलाखों के पीछे है, लेकिन वारदात में शामिल उसके सात अन्य साथी अब भी कानून की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि, फरार आरोपियों के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन सभी को भी जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

