BJP संगठन में स्मृति ईरानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, राम माधव की भी हुई धमाकेदार वापसी
6:37 PM, Sep 18, 2026
R Express भारत
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भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई केंद्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बड़े बदलाव के साथ पार्टी ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को और ज्य

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई केंद्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बड़े बदलाव के साथ पार्टी ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को और ज्यादा मजबूत और धारदार बनाया जा रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सात महीने पहले कमान संभालने के बाद इस नई टीम की घोषणा की है, जिसमें युवा जोश और पुराने तजुर्बे का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। इस पूरी लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा दो बड़े नामों को लेकर हो रही है—पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और संघ के पुराने रणनीतिकार राम माधव।
स्मृति ईरानी बनीं राष्ट्रीय महासचिव
पार्टी ने अपने तेजतर्रार चेहरों में से एक स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव जैसा बेहद महत्वपूर्ण सांगठनिक पद सौंपा है। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी यह भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। अपनी बेहतरीन भाषण शैली और हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर मजबूत पकड़ के कारण वे पार्टी के लिए जमीन पर और मीडिया में एक बड़ी ताकत बनकर उभरेंगी। यह नियुक्ति उनके राजनैतिक सफर के लिए एक बड़ा कमबैक मानी जा रही है।
राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वापसी
एक और चौंकाने वाला नाम राम माधव का है, जिन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बीजेपी में आए राम माधव को पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के विस्तार और जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार बनवाने का मुख्य सूत्रधार माना जाता रहा है। कुछ समय के लिए वे सक्रिय सांगठनिक राजनीति से दूर होकर संघ के काम में लौट गए थे, लेकिन अब उनकी वापसी से साफ है कि बीजेपी अपने पुराने और परखे हुए रणनीतिकारों को फिर से आगे बढ़ा रही है।
टीम में सोशल इंजीनियरिंग और महिलाओं को तवज्जो
इस बार घोषित की गई कुल 65 पदाधिकारियों की लिस्ट में 51 नए चेहरों को शामिल किया गया है। पार्टी ने इस बदलाव में सामाजिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा है, जिसमें पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज को भरपूर जगह मिली है। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए 13 उपाध्यक्षों में से 6 महिलाओं को जगह दी गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को भी उपाध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है।
बीजेपी की इस नई टीम की औसत उम्र को काफी कम रखने की कोशिश की गई है। लिस्ट में शामिल 6 नेता ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है, जबकि 15 नेता 40 से 49 वर्ष के बीच के हैं। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी अब अगली पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करने पर फोकस कर रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जो संगठन के वित्तीय प्रबंधन को संभालेंगे।
चुनावों को लेकर नई रणनीति
जानकारों का मानना है कि, इस फेरबदल के जरिए बीजेपी ने चुनावी मशीनरी को और चुस्त-दुरुस्त करने का संकेत दिया है। कई ऐसे नेता जिन्हें पिछले कुछ समय से मुख्य भूमिकाओं में नहीं देखा जा रहा था, उन्हें दोबारा बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने आंतरिक गुटबाजी को खत्म करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का मास्टरस्ट्रोक खेला है।

