होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

बेटियों की सुरक्षा और हक के लिए चिनहट में जुटा समाज, दी बड़ी जानकारियां

2:42 PM, Aug 31, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

समाज में बेटियों को लेकर सोच बदलने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए राजधानी में एक बेहतरीन पहल की गई।

 बेटियों की सुरक्षा और हक के लिए चिनहट में जुटा समाज, दी बड़ी जानकारियां

बेटियों की सुरक्षा और हक के लिए चिनहट में जुटा समाज फोटो सौ0 RExpress भारत

लखनऊ। समाज में बेटियों को लेकर सोच बदलने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए राजधानी में एक बेहतरीन पहल की गई। चिनहट कोतवाली रोड पर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल के परिसर में सोमवार को 'कन्या उत्सव' का आयोजन किया गया। वन स्टॉप सेंटर की ओर से आयोजित इस खास कार्यक्रम का मुख्य मकसद समाज में बेटियों के जन्म पर खुशियां मनाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में आए जानकारों ने साफ तौर पर कहा कि आज के दौर में बेटियों को बोझ समझना सबसे बड़ी भूल है। लड़कियों को समान अवसर और सही माहौल मिले, तो वे हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा सकती हैं। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और युवतियों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ सरकार की उन योजनाओं के बारे में भी बताया गया, जो मुश्किल वक्त में उनकी मददगार बन सकती हैं।

मुश्किल वक्त में काम आने वाली योजनाएं

कार्यक्रम में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली कई जरूरी जानकारियों को साझा किया गया। इसमें बताया गया कि बेटियों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए सरकार आर्थिक मदद देती है। इसके साथ ही, जिन महिलाओं के पति का साया सिर से उठ चुका है, उन्हें समाज में सम्मान से जीने के लिए हर महीने पेंशन की सुविधा दी जाती है।

अक्सर देखा जाता है कि, दहेज के लालच में कई शादियां टूट जाती हैं और महिलाओं को छोड़ दिया जाता है। ऐसी संकटग्रस्त और परित्यक्त महिलाओं को कानूनी लड़ाई लड़ने और दोबारा पैरों पर खड़े होने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, जो बच्चे अपनों को खो चुके हैं या बेहद तंगहाली में जी रहे हैं, उनकी पढ़ाई और परवरिश का जिम्मा उठाने के लिए भी खास व्यवस्थाएं हैं।

कानून की ताकत से रहें सुरक्षित

सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए कानूनों की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। इस उत्सव में कामकाजी महिलाओं को बताया गया कि नौकरी या काम करने की जगह पर किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या छेड़खानी के खिलाफ वे आवाज उठा सकती हैं। इसके लिए कड़े नियम बने हुए हैं।

र्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए कानूनों की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। इस उत्सव में कामकाजी महिलाओं को बताया गया कि नौकरी या काम करने की जगह पर किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या छेड़खानी के खिलाफ वे आवाज उठा सकती हैं। इसके लिए कड़े नियम बने हुए हैं।

इस पूरे आयोजन ने वहां मौजूद महिलाओं में एक नया भरोसा जगाया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर ऐसी जानकारियां आम लोगों तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक समाज में बड़ा बदलाव आना नामुमकिन है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026