सपा ने 'चंदा चोरी' और 'आरक्षण' पर बीजेपी को घेरा, 2027-2029 का गेम प्लान लीक!
1:02 PM, Jul 31, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय बयानों से ज़्यादा पोस्टरों के ज़रिए बमबारी हो रही है। लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित समाजवादी पार्टी दफ़्तर के बाहर

लखनऊ में भयंकर पोस्टर वॉर फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय बयानों से ज़्यादा पोस्टरों के ज़रिए बमबारी हो रही है। लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित समाजवादी पार्टी दफ़्तर के बाहर रातों-रात कुछ ऐसे होर्डिंग्स टांग दिए गए हैं, जिन्होंने सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस बार सपा ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल बीजेपी की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इन पोस्टरों में 'चंदा चोरी' और 'आरक्षण' जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों को आपस में जोड़कर सीधा हमला बोला गया है।
तीखे नारे और सीधे निशाने
प्रतापगढ़ के कद्दावर सपा नेता हल्लू राम सुंदर यादव की तरफ से लगवाए गए इन पोस्टरों की भाषा बेहद आक्रामक और मज़ेदार है। एक बड़े होर्डिंग पर साफ़-साफ़ लिखा है— चंदा चोरी से चला जिनका घर, अब आरक्षण पर कर रहे हैं प्रश्न। वहीं बगल में लगे दूसरे पोस्टर पर लिखा है— चंदा चोरी से जिनका नहीं भरा मन, अब आरक्षण पर कर रहे हैं मनमाना।
सपा ने यहाँ सीधे तौर पर अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से हुई चढ़ावे की चोरी (जिसकी जांच के लिए हाल ही में एसआईटी भी बनी है) का मुद्दा उठाया है और उसे आरक्षण की बहस से जोड़कर पिछड़े और दलित वर्ग को साधने की कोशिश की है।
2027 और 2029 का बड़ा ऐलान
बात सिर्फ़ आरोपों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इन पोस्टरों के ज़रिए समाजवादी पार्टी ने आने वाले सालों का अपना पूरा चुनावी रोडमैप भी जनता के सामने रख दिया है। अखिलेश यादव और डिंपल यादव की बड़ी तस्वीरों के साथ पोस्टर पर लिखा है— 27 में अखिलेश का राज, 29 में डिंपल यादव का ताज।
इसका साफ़ मतलब है कि सपा अभी से 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतर चुकी है। लखनऊ की सड़कों से शुरू हुई यह पोस्टर जंग अब सोशल मीडिया से लेकर संसद तक कोहराम मचा रही है और आने वाले दिनों में यूपी की सियासत और गरमाने वाली है।

