कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़, 19 लोगों ने गंवाई जान, कई घायल
2:41 PM, Oct 20, 2026
R Express भारत
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कोलकाता इलाके में स्थित मशहूर चोर बागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम को अचानक भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है,

photo by - ( chat GPT )
कोलकाता। त्योहारों की खुशियों के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां के उत्तर कोलकाता इलाके में स्थित मशहूर चोर बागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम को अचानक भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 25 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज पास के अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
चश्मदीदों के मुताबिक, सप्तमी की शाम को मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडाल में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश की बूंदों से बचने के लिए बाहर खड़े लोग तेजी से पंडाल के अंदर की तरफ भागे। वहीं, जो लोग पहले से अंदर थे, वे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
पंडाल का रास्ता काफी संकरा था। इसी बीच किसी ने लाउडस्पीकर पर अफवाह उड़ा दी कि पंडाल गिरने वाला है। इस एक अफवाह और सीटी की आवाज ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी। जान बचाने की होड़ में लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और महिलाएं व बच्चे भीड़ के नीचे दब गए। अंधेरा होने की वजह से स्थिति और खराब हो गई और लोगों का दम घुटने लगा।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, आर्थिक मदद का ऐलान
इस भयंकर हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं। प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की बात कही है।
पूजा कमेटी के पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव और नाराजगी का माहौल है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में हुई इस बड़ी लापरवाही की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चोर बागान दुर्गा पूजा कमेटी के सभी बड़े पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस घटना के बाद कोलकाता के कई अन्य बड़े और मशहूर पूजा पंडालों को भी दर्शनार्थियों के लिए कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को फिर से दुरुस्त किया जा सके। त्योहार का माहौल अब पूरी तरह से गमगीन हो चुका है।

