बख्शी का तालाब में राज्यकर विभाग का 'व्यापारी संवाद', मौके पर हुआ समस्याओं का समाधान
7:28 PM, Jun 1, 2026
R Express भारत
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बख्शी का तालाब में व्यापारियों को जीएसटी की बारीकियों को समझाने और उनकी व्यापारिक समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए राज्यकर विभाग ने एक बड़ी पहल क

बख्शी का तालाब में राज्यकर विभाग का 'व्यापारी संवाद' सौ0 RExpres भारत
लखनऊ। बख्शी का तालाब में व्यापारियों को जीएसटी की बारीकियों को समझाने और उनकी व्यापारिक समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए राज्यकर विभाग ने एक बड़ी पहल की है। सोमवार को लखनऊ के बख्शी का तालाब कस्बे में राज्यकर विभाग द्वारा एक विशेष 'व्यापारी संवाद कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के विभिन्न खंडों के जीएसटी उपायुक्तों ने क्षेत्र के व्यापारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि, जून महीने के शुरुआती दस दिनों तक चलने वाले इस सघन अभियान के माध्यम से टैक्स प्रणाली को और सरल बनाया जाएगा ताकि व्यापारियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
संवाद कार्यक्रम के दौरान खंड 14 और खंड 16 के जीएसटी उपायुक्त वीरेन्द्र मिश्रा एवं अमरदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि, शासन के निर्देशानुसार 1 जून से लेकर 10 जून तक राज्यकर विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड में रहेंगे। इस दौरान अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों में जाकर व्यापारियों से सीधे बातचीत की जाएगी। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की व्यावहारिक दिक्कतों और उनके बहुमूल्य सुझावों को संकलित कर सरकार तक पहुंचाना है। अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि, व्यापार संचालन में जीएसटी प्रणाली से जुड़ी जो भी तकनीकी या व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं, उन्हें सुनकर तुरंत दूर किया जाएगा।
तीन दिनों में मिलेगा नया रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम में व्यापारियों को राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन विभाग के उपायुक्त अभिमन्यु पाठक ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि, विभाग ने अब रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है। यदि कोई नया व्यापारी जीएसटी नंबर के लिए आवेदन करता है, तो सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन के मात्र तीन वर्किंग डे के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन स्वीकृत कर दिया जाएगा। व्यापारियों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। वहीं, रिटर्न फाइलिंग विभाग के उपायुक्त संजय सिंह ने समय पर टैक्स रिटर्न दाखिल करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, नियमित और सही समय पर रिटर्न भरने वाले व्यापारियों को विभाग की ओर से कई तरह के निश्चित लाभ और क्रेडिट सुविधाएं मिलती हैं, जो उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मददगार साबित होती हैं। उन्होंने जानकारी दी कि, पूरी पारदर्शी व्यवस्था के लिए लखनऊ में कुल 23 खंड बनाए गए हैं, जहां अधिकारी हर समय व्यापारियों की मदद के लिए उपलब्ध हैं।
जीएसटी 2.0 की दी गई जानकारी
राज्यकर अधिकारी प्रखर सिंह और सत्यजीत ने व्यापारियों को विभाग की नई कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि, सरकार द्वारा लागू किए गए 'जीएसटी 2.0' के प्रावधानों की सही और सटीक जानकारी सीधे व्यापारियों तक पहुंचाना इस चौपाल का मुख्य लक्ष्य है। फील्ड में जाकर संवाद करने से नियमों को लेकर फैला भ्रम दूर होता है और विभाग व व्यापारियों के बीच आपसी समन्वय मजबूत होता है।
स्थानीय संगठनों और व्यापारियों ने उठाई आवाज
इस मौके पर स्थानीय व्यापारिक नेतृत्व ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बख्शी का तालाब इकाई के अध्यक्ष वेद रतन सिंह ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि, वे इस 10 दिवसीय अभियान में अधिक से अधिक छोटे-बड़े व्यापारियों को शामिल कराएं ताकि हर किसी को इसका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में मौजूद व्यापारी अतुल मिश्रा ने अपनी एक व्यावहारिक समस्या अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग दुकानों से होने वाली बिलिंग प्रक्रिया में काफी तकनीकी उलझनों का सामना करना पड़ता है। इस पर अधिकारियों ने उन्हें इसके सरल और कानूनी निस्तारण का तरीका समझाया। वहीं, क्षेत्र के पूर्व प्रधान योगेन्द्र दीक्षित ने फुटकर दुकानदारों की रोजमर्रा की समस्याओं और विभागीय प्रक्रियाओं को लेकर उनकी चिंताओं को प्रमुखता से अधिकारियों के सामने रखा और उनके सरलीकरण की मांग की। इस संवाद कार्यक्रम से स्थानीय व्यापारियों में काफी सकारात्मक संदेश गया है।

