यूपी में मानसून का तगड़ा कमबैक: 40 से ज्यादा जिलों में बारिश का रेड अलर्ट
2:48 PM, Jul 18, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और चुभने वाली गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आई है। पिछले दो-तीन दिनों से सुस्त पड़ा मानसून राज्य में एक बार

मौसम विभाग की लोगो की फोटो — एआई
उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और चुभने वाली गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आई है। पिछले दो-तीन दिनों से सुस्त पड़ा मानसून राज्य में एक बार फिर पूरी तरह से संभल गया है। मौसम के बदले मिजाज ने जहाँ लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए यह आफत का सबक बनने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बने एक नए मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर प्रदेश में आने वाले 22 जुलाई तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम के मिजाज को देखते हुए शनिवार को पूर्वांचल के कई इलाकों के लिए भारी चेतावनी जारी की गई है। गोरखपुर, देवरिया, चंदौली, कुशीनगर और बलिया समेत करीब 8 जिलों में आसमान से भारी पानी बरसने की संभावना है। इन जिलों में शुक्रवार रात से ही कुछ जगहों पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की नौबत आ गई है।
रविवार को और खतरनाक होंगे हालात
आने वाला रविवार उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी साबित हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को मानसून अपने सबसे आक्रामक रूप में होगा। इस दौरान गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और मर्यादा पुरुषोत्तम की नगरी अयोध्या समेत आस-पास के कई जिलों में 'अत्यधिक भारी बारिश' हो सकती है। आसान शब्दों में कहें तो इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो सकता है।
बात अगर लखनऊ की करें तो शुक्रवार को यहाँ दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रही। ठंडी हवाएं चलने से मौसम तो सुहाना हुआ, लेकिन बादलों ने तरसाया और पानी नहीं बरसा। हालांकि, लखनऊ और इसके आस-पास के 40 से अधिक जिलों के लिए शनिवार और रविवार को बड़ा अलर्ट है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही सबसे बड़ा खतरा 'वज्रपात' यानी आकाशीय बिजली गिरने का है। लोगों को सलाह दी गई है कि जब बादल गरज रहे हों, तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
इस मानसूनी बारिश का सबसे अच्छा असर तापमान पर देखने को मिलेगा। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में लोग पसीने से तरबतर थे। लेकिन अब लगातार होने वाली बारिश की वजह से दिन के अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की उम्मीद है। इससे मौसम में अच्छी-खासी ठंडक घुल जाएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
22 जुलाई तक नहीं मिलेगी राहत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मानसून की यह सक्रियता केवल इस वीकेंड यानी शनिवार-रविवार तक ही सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के आसमान पर बादलों का यह डेरा आगामी 22 जुलाई तक मजबूती से जमा रहेगा। ऐसे में किसानों के चेहरे तो धान की रोपाई के लिए खिल उठे हैं, लेकिन शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम से दो-चार होना पड़ सकता है।

