'है जवानी तो इश्क होना है' की दमदार शुरुआत, पहले दिन कमाए ₹7.5 करोड़
7:14 PM, Jun 6, 2026
R Express भारत
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बॉलीवुड के 'किंग ऑफ कॉमेडी' कहे जाने वाले दिग्गज निर्देशक डेविड धवन एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने लौट आए हैं। उनके निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फि

है जवानी तो इश्क होना है' की दमदार शुरुआत photo by - ( edited ) google
बॉलीवुड के 'किंग ऑफ कॉमेडी' कहे जाने वाले दिग्गज निर्देशक डेविड धवन एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने लौट आए हैं। उनके निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है'आखिरकार 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सिनेमाघरों में कदम रखते ही फिल्म ने दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया है और बॉक्स ऑफिस पर एक सम्मानजनक शुरुआत दर्ज की है।
वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के अभिनय से सजी यह फिल्म अपने अनोखे कथानक, पुरानी यादों को ताजा करने वाले संगीत और जबरदस्त स्टार कास्ट के कारण इस समय सोशल मीडिया से लेकर सिनेमाघरों तक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। आइए जानते हैं कि इस फिल्म की कहानी में ऐसा क्या खास है, बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन कैसा रहा और इस फिल्म को लेकर क्या विवाद चल रहे हैं।
बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत
ट्रेड एनालिस्ट्स और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,'है जवानी तो इश्क होना है' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार ओपनिंग ली है। फिल्म ने अपने पहले दिन करीब 7.5 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। शुक्रवार को सुबह के शोज़ में भले ही दर्शकों की संख्या थोड़ी कम देखी गई, लेकिन दोपहर के बाद और खासकर नाइट शोज़ में मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों ही जगहों पर भारी भीड़ उमड़ी।मेट्रो शहरों में फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा क्रेज देखा जा रहा है। फिल्म की रिलीज से पहले ही करीब एक लाख से अधिक टिकटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी थी, जिसने इसके पहले दिन के कलेक्शन को एक मजबूत आधार दिया। इसी के साथ यह फिल्म साल 2026 की टॉप ओपनर फिल्मों की लिस्ट में शामिल होने की दौड़ में आ गई है।
क्या है फिल्म की अनोखी कहानी?
फिल्म की कहानी 'जस' यानी जसविंदर आहूजा (वरुण धवन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादी 'बानी' (मृणाल ठाकुर) से हुई है। पांच साल के इस रिश्ते में तब दरार आ जाती है, जब दोनों के बीच परिवार नियोजन (फैमिली प्लानिंग) और करियर को लेकर गंभीर मतभेद हो जाते हैं। बानी से अनौपचारिक रूप से अलग होने के बाद जस विदेश (लंदन) चला जाता है। वहां उसकी जिंदगी में 'प्रीत' (पूजा हेगड़े) की एंट्री होती है और दोनों के बीच प्यार हो जाता है।कहानी में असली और सबसे मजेदार ट्विस्ट तब आता है, जब बानी और प्रीत दोनों एक साथ प्रेग्नेंट हो जाती हैं और दोनों के बच्चों का पिता कोई और नहीं बल्कि जस ही होता है। इसके बाद शुरू होता है डेविड धवन स्टाइल का वो कन्फ्यूजन और पागलपन, जिसे छुपाने के चक्कर में जस एक के बाद एक कई मजेदार और बेतुकी मुसीबतों में फंसता चला जाता है।
वरुण की कॉमिक टाइमिंग और कलाकारों का अभिनय
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत वरुण धवन की बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि वरुण धवन ने इस फिल्म में पूरी तरह से 90 के दशक के गोविंदा और सलमान खान वाले दौर की याद दिला दी है। 'मैं तेरा हीरो' और 'जुड़वा 2' के बाद वरुण एक बार फिर अपने असली रंग में दिखे हैं।दूसरी तरफ, मृणाल ठाकुर ने एक बार फिर अपनी संजीदा और दमदार अदाकारी से प्रभावित किया है, जबकि पूजा हेगड़े पर्दे पर बेहद खूबसूरत और प्रभावशाली नजर आई हैं। सहायक कलाकारों की बात करें तो मनीष पॉल की कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। इनके अलावा जिमी शेरगिल, चंकी पांडे, राकेश बेदी और जॉनी लीवर जैसे अनुभवी कलाकारों की फौज ने फिल्म के एंटरटेनमेंट डोज को दोगुना कर दिया है। फिल्म के अंत में आने वाला एक सरप्राइज कैमियो दर्शकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
कास्टिंग और 400 करोड़ का कानूनी विवाद
फिल्म रिलीज के साथ ही कुछ बड़े विवादों से भी घिरी रही। सबसे ज्यादा चर्चा सोशल मीडिया पर इसकी कास्टिंग को लेकर हुई। फिल्म में 40 वर्षीय अभिनेत्री मौनी रॉय को 39 वर्षीय वरुण धवन की मां (एक फेक मदर प्लॉटलाइन) के रूप में दिखाया गया है। दोनों की उम्र में महज एक साल का अंतर होने के कारण इंटरनेट पर बॉलीवुड के कास्टिंग स्टैंडर्ड्स को लेकर खूब मीम्स बन रहे हैं और बहस छिड़ी हुई है।इसके अलावा, फिल्म की रिलीज से ठीक पहले एक बड़ा कानूनी संकट भी खड़ा हो गया था। मशहूर प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने मेकर्स (टिप्स इंडस्ट्रीज और डेविड धवन) के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में 400 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया था। उनका आरोप था कि फिल्म में 1999 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बीवी नंबर 1' के दो बेहद लोकप्रिय गानों- "चुन्नारी चुन्नारी" और "इश्क सोना है" का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे मेकर्स को बड़ी राहत मिली और फिल्म समय पर सिनेमाघरों में उतर सकी।

