होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

जामिया में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का ऐलान, छात्रों की भूख हड़ताल खत्म

4:02 PM, Oct 30, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में करीब दो दशकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है, क्योंकि कैंपस में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव कराने का रास्ता पू

जामिया में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का ऐलान, छात्रों की भूख हड़ताल खत्म

sketch by - ( AI )

उत्तर प्रदेश।जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में करीब दो दशकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है, क्योंकि कैंपस में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव कराने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। लगातार 18 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना पड़ा। प्रशासन ने छात्रों की मुख्य मांगों को मानते हुए न सिर्फ चुनाव कराने की बात कही है, बल्कि छात्रसंघ के लिए एक नया और नया संविधान तैयार करने का भी आधिकारिक समय तय कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है और कैंपस में जश्न का माहौल है।

प्रशासन का नया आदेश और चुनाव का पूरा शेड्यूल

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कार्यालय की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, छात्रसंघ के नए संविधान को बनाने, उसे मंजूरी देने और लागू करने का पूरा काम 15 मई 2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके ठीक बाद, अगले साल यानी 16 जुलाई 2027 से शुरू होने वाले नए पढ़ाई के सत्र (एकेडमिक सेशन) के शुरुआती 6 हफ्तों के भीतर ही चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करा लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि साल 2027 के अगस्त महीने के आखिरी हफ्ते तक जामिया को अपनी नई छात्र सरकार मिल जाएगी।

छात्रों पर हुए एक्शन भी वापस लिए गए

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांग सिर्फ चुनाव कराने तक ही सीमित नहीं थी। उनकी बड़ी मांग यह भी थी कि प्रदर्शन के दौरान जिन साथियों पर यूनिवर्सिटी ने कार्रवाई की है, उसे तुरंत वापस लिया जाए। प्रशासन ने इस बात को भी मान लिया है। नए फैसले के तहत आंदोलन के दौरान छात्रों को दिए गए सभी सस्पेंशन लेटर और कारण बताओ नोटिस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही जिन छात्रों के कैंपस में आने पर पाबंदी लगाई गई थी, उसे भी पूरी तरह हटा दिया गया है।

साल 2006 से बंद थी छात्र राजनीति

जामिया मिलिया इस्लामिया में साल 2005 में आखिरी बार छात्रसंघ के चुनाव हुए थे। इसके बाद मार्च 2006 में कैंपस में हुई कुछ आपसी लड़ाइयों और विवादों की वजह से तत्कालीन प्रशासन ने छात्रसंघ को पूरी तरह भंग कर दिया था। तब से लेकर पिछले 20 सालों से छात्र लगातार अपनी आवाज उठाने के लिए एक चुनी हुई कमेटी की मांग कर रहे थे। इस बार छात्रों की एकजुटता और लगातार 18 दिनों के कड़े संघर्ष ने रंग दिखाया, जिससे कैंपस में एक बार फिर लोकतांत्रिक तरीके से छात्र राजनीति की वापसी होने जा रही है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026