आर-पार के मूड में छात्र: परीक्षा रद्द का आश्वासन मिला, पर CBI जांच पर अड़े
6:48 PM, Aug 9, 2026
R Express भारत
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झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में धांधली को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरे छात्रों और सरकार के बीच रविवार को हुई

परीक्षा रद्द का आश्वासन मिला फोटो सौ0 google
झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में धांधली को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरे छात्रों और सरकार के बीच रविवार को हुई छठे दौर की महाबैठक भी पूरी तरह बेनतीजा रही। हालांकि, मीटिंग के बाद बाहर आए छात्र नेताओं ने साफ किया कि सरकार ने विवादित परीक्षा को रद्द करने की उनकी सबसे बड़ी मांग को तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन छात्र अब आर-पार के मूड में हैं। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक पूरे घोटाले की सीबीआई जांच कराने का लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना स्थल से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस बैठक के बाद छात्र गुटों और सरकार के बीच की तकरार अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के चेहरों ने मंत्रियों की समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र नेताओं का दावा है कि सरकार इस बड़े आंदोलन को कमजोर करने की चाल चल रही है। बातचीत की मेज पर जानबूझकर उन राजनीतिक छात्र संगठनों को बिठाया गया, जिनका इस जमीन से जुड़े आंदोलन से कोई लेना-देना ही नहीं था। युवाओं का कहना है कि, यह असली अभ्यर्थियों की एकता को तोड़ने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश है।
अधिसूचना के बिना नहीं मानेंगे युवा
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि, वे अब नेताओं के केवल मुंहबोले आश्वासनों पर भरोसा करने वाले नहीं हैं। परीक्षा रद्द करने की बात सिर्फ कमरों के अंदर हुई है, जबकि छात्रों को इसकी आधिकारिक कागजी घोषणा चाहिए। जब तक सरकार इसकी पक्की चिट्ठी जारी नहीं करती, तब तक इस आंदोलन को खत्म नहीं माना जाएगा। युवाओं का सीधा सवाल है कि अगर दाल में कुछ काला नहीं है, तो सरकार देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई को मामला सौंपने से क्यों हिचकिचा रही है? उन्हें वर्तमान की स्थानीय जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
बिगड़ती तबीयत और कल महासंग्राम की चेतावनी
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 16 दिनों से डटे युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। आंदोलन का मुख्य चेहरा बने देवेंद्र नाथ महतो पिछले सात दिनों से अन्न-जल त्यागे बैठे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर में शुगर और ग्लूकोज का स्तर खतरनाक रूप से गिर चुका है, जिससे उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। साथियों की बिगड़ती स्थिति को देखकर पंडाल में मौजूद बाकी छात्रों का खून भी खौल रहा है।
रविवार रात तक कोई ठोस फैसला न आने पर आंदोलनकारियों ने सोमवार, 10 अगस्त को रांची में चक्का जाम और विधानसभा घेराव का खुला एलान कर दिया है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि सुबह होते ही राज्यभर से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा की तरफ कूच करेंगे। इस बीच, इस गैर-राजनीतिक लड़ाई को समाज के हर वर्ग का साथ मिल रहा है। हाल ही में मशहूर कलाकार पीयूष मिश्रा ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर युवाओं की आवाज में अपनी आवाज मिलाई थी, जिससे छात्रों का हौसला और बढ़ गया है। अब पूरी नजरें कल होने वाले इस बड़े प्रदर्शन पर टिकी हैं।

