चंद्रिका देवी धाम में गूंजा सुंदरकांड, राजनाथ सिंह के 75वें जन्मदिन पर बीकेटी में उमड़ा जनसैलाब
12:59 PM, Jul 10, 2026
R Express भारत
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बख्शी का तालाब में शुक्रवार को पूरी तरह से भक्ति और उत्सव के रंग में डूबा नजर आया। मौका बेहद खास है क्योकि आज देश के वरिष्ठ नेता और क्षेत्र के लोकप्रिय सा

राजनाथ सिंह के 75वें जन्मदिन पर बीकेटी में उमड़ा जनसैलाब फोटो सौ0RExpress भारत
लखनऊ । बख्शी का तालाब में शुक्रवार को पूरी तरह से भक्ति और उत्सव के रंग में डूबा नजर आया। मौका बेहद खास है क्योकि आज देश के वरिष्ठ नेता और क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद राजनाथ सिंह का 75वां जन्मदिन है। इस ऐतिहासिक और खास अवसर को यादगार बनाने के लिए बीकेटी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और आम जनता ने मिलकर एक बेहद भव्य और धार्मिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की। क्षेत्र के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मां चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल बन गया , जहां हजारों की संख्या में लोग अपने नेता की लंबी उम्र की दुआ करने पहुंचे।
लखनऊ के इस मशहूर सिद्धपीठ मां चंद्रिका देवी धाम परिसर में कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों पहले से ही चल रही थीं। पूरे मंदिर परिसर को गेंदे और गुलाब के ताजे फूलों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था। जैसे ही सुबह की किरणें फूटीं, मंदिर के कपाट खुलते ही स्थानीय लोगों और राजनाथ सिंह के समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। दूर-दूर से आए ग्रामीण और कार्यकर्ता अपने हाथों में पूजा की थाली और मालाएं लेकर पहुंचे। हर तरफ एक अलग ही उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
इस पूरे भव्य आयोजन की कमान क्षेत्र के पूर्व विधायक अविनाश त्रिवेदी ने संभाल रखी। उनकी एक आवाज पर सुबह से ही युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में जुटना शुरू हो गई। अविनाश त्रिवेदी ने खुद मां चंद्रिका देवी के चरणों में मत्था टेका और राजनाथ सिंह के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की प्रार्थना की। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि, राजनाथ सिंह केवल एक नेता नहीं हैं, बल्कि लखनऊ के हर परिवार के अभिभावक हैं। उनके 75वें जन्मदिन को क्षेत्र की जनता एक त्योहार की तरह मना रही है, जो उनके प्रति लोगों के अटूट प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।
संगीतमय सुंदरकांड के पाठ से भक्तिमय हुआ माहौल
कार्यक्रम की मुख्य शुरुआत मुख्य पंडाल में आयोजित सुंदरकांड पाठ से हुई। स्थानीय भजनक मण्डली के कलाकारों ने जैसे ही ढोलक, मजीरे और हारमोनियम की थाप पर सुंदरकांड की चौपाइयां गानी शुरू कीं, वहां मौजूद हर शख्स भक्ति के सागर में डूब गया। "मंगल भवन अमंगल हारी" के जयकारों से पूरा चंद्रिका देवी धाम परिसर गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में बैठे श्रद्धालुओं ने एक सुर में पाठ किया, जिससे माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया। युवा कार्यकर्ता भी इस दौरान हाथों में झंडे लिए भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
सुंदरकांड पाठ के समापन के बाद मुख्य वेदी पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य हवन पूजन का कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम के सह-आयोजक वीरपाल सिंह और अनुराग सिंह ने खुद व्यवस्थाओं को संभालते हुए हवन की रस्में पूरी करवाईं। विद्वान ब्राह्मणों ने राजनाथ सिंह के यशस्वी जीवन और देश कल्याण की कामना के साथ हवन कुंड में विशेष आहुतियां डलवाईं। हवन की पवित्र अग्नि और लॉबान व कपूर की खुशबू से पूरा वातावरण शुद्ध हो गया। वहां मौजूद हर आम और खास आदमी ने इस यज्ञ में आहुति देकर अपने नेता के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
धार्मिक अनुष्ठान और पूर्णाहूति के बाद दोपहर करीब 12 बजे भव्य भंडारे की शुरुआत हुई। आयोजकों ने मंदिर आने वाले हर एक श्रद्धालु के लिए बैठने और सम्मानपूर्वक प्रसाद ग्रहण करने के पुख्ता इंतजाम किए थे। भंडारे में गरमा-गरम पूड़ियां, आलू-टमाटर की सब्जी, बूंदी और हलवे का प्रसाद तैयार किया गया । अविनाश त्रिवेदी और सह-आयोजकों ने खुद अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसा। देखते ही देखते प्रसाद लेने वालों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन समिति के बेहतर प्रबंधन की वजह से किसी को कोई असुविधा नहीं हुई। दोपहर से लेकर देर शाम तक मंदिर आने वाले हर दर्शनार्थी को भरपेट प्रसाद खिलाया गया।
इस दौरान मंदिर परिसर में जुटे बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों के बीच राजनाथ सिंह के पुराने दिनों की चर्चाएं भी आम है।। लोगों का कहना कि, भले ही वह देश के बड़े पद पर आसीन हैं, लेकिन लखनऊ के ग्रामीण इलाकों और यहां के कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव हमेशा जमीन से जुड़ा रहा है। जब भी वह लखनऊ आते हैं, लोगों से सीधे संवाद करते हैं। यही वजह है कि, उनके जन्मदिन पर किसी राजनीतिक तामझाम के बजाय लोगों ने पूरी तरह से पारंपरिक और धार्मिक तरीके से खुशियां मनाना बेहतर समझा।
उत्सव के माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
शाम ढलते-ढलते यह ऐतिहासिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता पर सह-आयोजक वीरपाल सिंह और अनुराग सिंह ने क्षेत्र की जनता और सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चंद्रिका देवी मां के आशीर्वाद से आज का यह दिन बीकेटी के इतिहास में दर्ज हो गया है। पूरे क्षेत्र में आज दिवाली जैसा माहौल रहा और लोगों ने अपने पसंदीदा नेता के प्रति जो सत्कार दिखाया है, वह वाकई काबिले तारीफ है।

