बढ़ गया तनाव: अमेरिका ने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा
4:50 PM, Sep 21, 2026
R Express भारत
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मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। यमन के हूथी बागियों द्वारा सऊदी अरब के दिल यानी रियाद और उसकी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियो

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मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। यमन के हूथी बागियों द्वारा सऊदी अरब के दिल यानी रियाद और उसकी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इन हमलों के पीछे सीधे तौर पर ईरान का हाथ माना जा रहा है, जिसके बाद सुपरपावर अमेरिका का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे खौफनाक और सीधी चेतावनी दे डाली है।
ट्रंप का अल्टीमेटम: 'सुधर जाओ या मिट जाओ'
व्हाइट हाउस से जारी अपने कड़े संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी हुकूमत को दो टूक लहजे में कह दिया है कि या तो वे अपनी हरकतों से बाज आएं और इसके बेहद गंभीर आर्थिक नतीजे भुगतने को तैयार रहें, या फिर उनके पूरे नेतृत्व को हमेशा के लिए नक्शे से मिटा दिया जाएगा। अमेरिका इस बार सिर्फ जुबानी जंग नहीं लड़ रहा है, बल्कि उसने समंदर में अपना सबसे खतरनाक परमाणु विमानवाहक पोत 'USS अब्राहम लिंकन' और एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की घेराबंदी के लिए रवाना कर दिया है।
विनाशकारी पलटवार करेंगे': ईरान का करारा जवाब
दूसरी तरफ, ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ट्रंप की इस खुली धमकी के जवाब में ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने दहाड़ते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने कोई भी हिमाकत की, तो उसका अंजाम बेहद खौफनाक होगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह जमीन, आसमान, समंदर और साइबर वर्ल्ड—हर जगह अमेरिका पर ऐसा पलटवार करेगा जिसे दुनिया याद रखेगी। ईरान की इस तेवर ने साफ कर दिया है कि खाड़ी देश इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठे हैं।
अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने का हुक्म
हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बेहद कड़ा और इमरजेंसी 'सुरक्षा अलर्ट' जारी किया है। अमेरिका ने ईरान में मौजूद अपने सभी नागरिकों को तुरंत और बिना वक्त गंवाए देश छोड़ने की हिदायत दी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस एडवाइजरी का मतलब साफ है कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर बड़ा एक्शन ले सकता है और वह अपने नागरिकों को किसी भी तरह के खतरे में नहीं डालना चाहता।
दुनिया पर मंडराया तेल संकट
इस खूनी टकराव का सबसे बड़ा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ने वाला है। होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही ठप होने की कगार पर है। अगर यह टकराव युद्ध में बदला, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे और एक बार फिर भयंकर मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।

