ठग का मोबाइल और फुटेज देकर भी नहीं दर्ज हुआ केस, पीड़ित पहुंचा CM पोर्टल
5:09 PM, Nov 1, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के रहीमाबाद इलाके से खाकी की सुस्ती का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक जनसेवा केंद्र संचालक से दिनदहाड़े 15 हजार रुपये की ठगी हो गई। पूरी वारदात द

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के रहीमाबाद इलाके से खाकी की सुस्ती का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक जनसेवा केंद्र संचालक से दिनदहाड़े 15 हजार रुपये की ठगी हो गई। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। आरोपी का हुलिया और उसकी स्कूटी साफ नजर आ रही है। इतना ही नहीं, ठग का एक मोबाइल भी मौके पर छूट गया, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। इसके बावजूद पुलिस केस दर्ज करने में लगातार टालमटोल कर रही है। थक-हारकर अब पीड़ित ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर गुहार लगाई है।
नाबालिग बेटे को झांसा देकर उड़ाए रुपये
यह पूरी घटना रहीमाबाद कस्बे के न्यू यादव मार्केट की है। यहां दीपराज गुप्ता नाम के शख्स का जनसेवा केंद्र है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे दीपराज किसी काम से बाहर गए हुए थे और दुकान पर उनका नाबालिग बेटा बैठा था। इसी दौरान सफेद रंग की स्कूटी से एक अज्ञात जालसाज वहां पहुंचा। उसने बेहद शातिराना अंदाज में बच्चे को अपनी बातों के जाल में फंसाया। उसने बच्चे को गुमराह किया और गल्ले में रखे 15 हजार रुपये समेटकर रफूचक्कर हो गया।
पुख्ता सबूत फिर भी सिर्फ आश्वासन
जब दीपराज वापस लौटे तो उन्हें ठगी का पता चला। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो उसमें ठग की करतूत साफ-साफ कैद मिली। इसके अलावा, भागते समय आरोपी का एक मोबाइल भी वहीं छूट गया था, जिसमें सिम कार्ड नहीं लगा है। दीपराज तुरंत सीसीटीवी फुटेज और ठग का मोबाइल लेकर रहीमाबाद थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी और पूरी बात बताई। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने ठोस कार्रवाई करने या केस दर्ज करने के बजाय उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर टरका दिया।
सिस्टम से हारा पीड़ित, अब सीएम पोर्टल का सहारा
ठगी का शिकार होने और थाने के चक्कर काटने के बाद जब दीपराज को इंसाफ मिलता नहीं दिखा, तो उनका पुलिस के रवैये पर से भरोसा उठ गया। पीड़ित ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अब सीधे मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी है। दीपराज ने बड़े पुलिस अफसरों से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जाए, उनका पैसा वापस दिलाया जाए और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन लिया जाए। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर काफी नाराजगी है।

