वर्दी के रौब में उजड़ा हंसता-खेलता परिवार, शराब और दहेज की भेंट चढ़ी दरोगा की पत्नी की जिंदगी
6:47 PM, Jul 31, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के पारा इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है।

विनीता की फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के पारा इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है। यहाँ जाहिद नगर में रहने वाली 35 वर्षीय विनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। विनीता का कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक ऐसे शख्स के साथ ब्याही गई थी, जिसके सिर पर सरकारी नौकरी की धौंस और शराब का नशा चौबीसों घंटे सवार रहता था। मृतका के मायके वालों का सीधा आरोप है कि उनके दामाद और उसके परिवार ने मिलकर विनीता को मानसिक रूप से इस कदर तोड़ा कि, आखिरकार उसे जहर देकर रास्ते से हटा दिया गया।
नशे में धुत्त होकर रोज होती थी पिटाई
मूल रूप से मेरठ के टीमकिया गांव के रहने वाले अवनीश कुमार लखनऊ के कैंट इलाके में दरोगा के पद पर तैनात हैं। विनीता के भाई विनय ने रोते हुए बताया कि उनकी बहन की जिंदगी शादी के बाद से ही नरक बन चुकी थी। दरोगा अवनीश को शराब की ऐसी लत थी कि वह हर शाम नशे में धुत्त होकर घर लौटता था और बिना किसी बात के विनीता के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। ससुराल के अन्य लोग—सास, देवर और देवरानी—भी इस जुल्म में बराबर के हिस्सेदार थे। आए दिन पैसों और दहेज की नई-नई मांगों को लेकर विनीता को तंग किया जाता था। जब भी विनीता अपने मायके वालों को फोन पर अपना दर्द बताती, और मायके वाले दमाद को समझाने की कोशिश करते, तो अवनीश अपनी दरोगाई का रौब दिखाकर उन्हें चुप करा देता और अंजाम भुगतने की धमकी देता था।
उस खौफनाक रात की दास्तां
बृहस्पतिवार की शाम वह आखिरी वक्त था जब विनीता की आवाज उसके परिवार ने सुनी। शाम के करीब 7:00 बजे विनीता ने रोते-बिलखते हुए गाजियाबाद (मोदीनगर) में रह रही अपनी मां को फोन किया। उसने बताया कि आज ससुराल वाले उस पर जुल्म की सारी हदें पार कर रहे हैं। अभी बात चल ही रही थी कि अचानक फोन कट गया। मायके वाले कुछ समझ पाते, उससे पहले ही रात के 8:00 बजे विनीता के ससुराल पक्ष के कुछ दूर के रिश्तेदारों का फोन भाई विनय के पास आया। उन्होंने कहा कि विनीता की हालत बहुत नाजुक है और उसे ठाकुरगंज के एक अस्पताल ले जाया गया है।
अस्पताल पहुंचे भाई के उड़ गए होश
खबर मिलते ही गाजियाबाद से भाई और परिवार के लोग आनन-फानन में गाड़ी से लखनऊ के लिए रवाना हुए। जब वे ठाकुरगंज के उस निजी अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। विनीता का बेजान शरीर स्ट्रेचर पर पड़ा था और वहां ससुराल पक्ष का एक भी इंसान मौजूद नहीं था। दरोगा पति से लेकर सास-ससुर तक, सब के सब अस्पताल से गायब थे। मायके वालों का आरोप है कि विनीता को तड़पता हुआ छोड़कर पूरी ससुराल फरार हो गई।
मासूम बेटे ने बयां की पिता की हैवानियत
इस पूरे मामले में विनीता के बेटे कार्तिक का बयान सबसे बड़ा सच सामने लेकर आया है। कार्तिक ने रोते हुए बताया कि बृहस्पतिवार की शाम 7:00 बजे उसके पिता बेहद नशे की हालत में घर आए थे। आते ही उन्होंने मां विनीता के साथ गाली-गलौज और बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। पिता की इस हैवानियत और रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर कार्तिक रोते हुए ऊपर अपने कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। उसने कहा कि नीचे मां के चीखने की आवाजें आ रही थीं, लेकिन खौफ के मारे वह नीचे नहीं आया। थोड़ी देर बाद जब सन्नाटा पसरा, तो उसे पता चला कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
फिलहाल, पीड़ित भाई विनय ने अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए दरोगा पति अवनीश, सास, देवर और देवरानी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करा दी है। एक हंसती-खेलती महिला की इस तरह दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

