UP पुलिस भर्ती परीक्षा में ठगी करने वाला मुख्य सरगना जौनपुर से गिरफ्तार, बरामद हुए 21 एडमिट कार्ड
5:58 PM, Jun 11, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोहों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल का कड़ा अभियान लगातार जा

युवाओं को पास कराने का झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ सौ0 RExpress भारत
जौनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोहों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल का कड़ा अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में एसटीएफ की लखनऊ और स्थानीय टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 में अभ्यर्थियों को पास कराने और उनकी जगह सॉल्वर बैठाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक सक्रिय सदस्य को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र से की गई है।
एसटीएफ मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि, प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाला एक शातिर गिरोह जौनपुर क्षेत्र में सक्रिय है। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़गांव में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड राजू कुमार मांझी और उसके सबसे सक्रिय सहयोगी छोटेलाल यादव को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पास कराने के नाम पर लेते थे मोटी रकम
पूछताछ में सामने आया है कि, यह गिरोह सीधे-साधे प्रतियोगियों और उनके परिजनों को निशाना बनाता था। आरोपी उम्मीदवारों को शत-प्रतिशत पास कराने, परीक्षा के दौरान नकल की व्यवस्था करने या फिर असली अभ्यर्थी की जगह फर्जी सॉल्वर बैठाने का झांसा देते थे। इसके बदले में अभ्यर्थियों से एडवांस के तौर पर मोटी रकम, मूल शैक्षणिक दस्तावेज और एडवांस चेक ले लिए जाते थे।
भारी मात्रा में दस्तावेज और सबूत बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को बड़े पैमाने पर आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जो इनके नेटवर्क की पुष्टि करती है। एसटीएफ ने इनके पास से विभिन्न अभ्यर्थियों के 21 परीक्षा प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड), 4 मूल अंकपत्र, 3 बैंक चेक, 3 आधार कार्ड और ठगी में इस्तेमाल होने वाले 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा, आरोपियों के फोन से अभ्यर्थियों के साथ लेनदेन और सेटिंग से जुड़ी 13 व्हाट्सएप चैट की प्रतियां भी बरामद हुई हैं, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना राजू कुमार मांझी एक आदतन अपराधी है। वह इससे पहले साल 2022 में भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई बड़ी धोखाधड़ी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा अपना नेटवर्क खड़ा किया और इस बार पुलिस भर्ती परीक्षा को निशाना बनाने की फिराक में था।
भर्ती बोर्ड की सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे किसी भी दलाल या ठग के झांसे में न आएं। परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और कड़े सुरक्षा घेरे में आयोजित की जा रही है। बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास करने वाले तत्वों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

