चंद्रिका के समाने आयी सच्चाई...देव और वसुधा पर टूटी कयामत,सीरियल वसुधा
वसुधा और देव की शादी की बात चंद्रिका के सामने आ चुकी है। जिसके बाद पुलिस वसुधा सीरियल में हडकंप मचा हुआ है। देव और वसुधा के दुश्मनो ने इस रिश्ते को तोडने की बहुत कोशिश की मगर कहते है न कि,प्यार का लाख जवाना दुश्मन हो जाए। मगर सच्चे दिलो तोडने वालो को हमेशा जमीन मे मिलना होता है। वैसा ही देव के दुश्मनो के साथ हुआ हैं।
lucknow
4:58 PM, Nov 23, 2025
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SKETCH BY - GOOGLE
उत्तर प्रदेश। वसुधा और देव की शादी की बात चंद्रिका के सामने आ चुकी है। जिसके बाद पुलिस वसुधा सीरियल में हडकंप मचा हुआ है। देव और वसुधा के दुश्मनो ने इस रिश्ते को तोडने की बहुत कोशिश की मगर कहते है न कि,प्यार का लाख जवाना दुश्मन हो जाए। मगर सच्चे दिलो तोडने वालो को हमेशा जमीन मे मिलना होता है। वैसा ही देव के दुश्मनो के साथ हुआ हैं। देव के भाई आवी ने देव वसुधा के पिता को बचान के लिए खुद की जान खतरे मे डाल कर वही पर जा पहुंचा था। जहां पर हनुमंत कैद था। आवी और दिव्या के पिता की मेहनत की वजह से वसुधा के पिता कैद से छूट जाते है और देव की शादी से पहले पहुंच जाते है। लेकिन उनके पहुचने के बाद दुश्मनो को उनके किए की सजा तो मिल जाती है। लेकिन देव और वसुधा की शादी की बात चंद्रिका के सामने आ जाती है। इस सच को सुनकर चंद्रिका विश्वास ही नही कर पा रही थी। देव और वसुधा जिन पर चंद्रिका को सबसे ज्यादा विश्वास था। उन्होने साथ मिलकर उनके विश्वास को तोडा है।
चंद्रिका ने हनुमत को याद दिलाई उसकी औकात
देव चंद्रिका से कहता है कि,उसको वसुधा प्यार है और वो अपनी पूरी जिन्दगी वसुधा क साथ ही रहना चाहता है। क्योकि,वसुधा तो हमेशा से ही देव को अपना पति मानती आयी है। वुसधा ने नाटक वाली शादी के बाद से ही देव को अपना पति और प्यार मान लिया था। वसुधा ने देव से और किसी से कुछ भी नही कहा ,क्योकि,वो नही चाहती थी कि,किसी को कोई भी तकलीफ हो। इसीलिए उसने एकतरफा ही रिश्ता निभाया है। लेकिन देव को जिन आंखो वाली लडकी से प्यार था और देव जिनका दिवाना होकर बैठा हुआ था। वो और कोई नही बल्कि वसुधा की ही आंखे थी। लेकिन चंद्रिका को जब यह सब मालूम होता है कि,देव और वुसधा ने किसी को बिना बताए ही अकेले ही शादी कर ली है। तब चंद्रिका हनुमंत से पूछती है कि,क्या तुमको पता था कि,जिसका तुम कन्यादान कर रहे हो।वो तुम्हारी बेटी वसुधा हैं। तब हनुमंत चंद्रिका के पैरो में गिरकर कहता है कि,उसे झूठा यकीन दिलाया गया था कि,चंद्रिका को देव और वसुधा की शादी से कोई भी दिक्कत नही है।
देव अपने प्यार को बचाने के लिए कर रहा लडाई
चंद्रिका हनुमंत की बात को सुनकर उससे कहती है कि,तुम्हारे पास दिमाग है कि,नही। तुम ने सोच भी कैसे लिए कि,हम अपने देव की शादी के लिए अपने ही ड्राइवर की बेटी को चुनेगे। हम तुम्हे अपना परिवार जरूर मानते थे। लेकिन हमारी ही गलती है कि,हम ने अपने घर के नौकरो को सिर पर चढाकर रखा हैं। हम कभी भी वसुधा जैसी लडकी के साथ अपने देव की शादी नही करवाएंगे। क्योकि,वसुधा हमारे घर की नौकरानी है ओर वो हमेशा वही रहेंगी। जिसके बाद चंद्रिका हनुमंत को घर से बाहर निकाल देती है और कहती है कि,तुम कभी भी हमें अपना चेहरा मत दिखाना। जिसके बाद वसुधा चंद्रिका से कहती है कि,यह सब कुछ जो भी हुआ है उसमें मेंरे पिता की कोई भी गलती नही है। सारी गलती मेरी है। जिसके बाद वसुधा को चंद्रिाक एक तेजी से थप्पड मार देती है। फिर उसको बुरा — भला कहकर घर से चले जाने का आदेश देती है। वसुधा जाने वाली होती है लेकिन देव उसको रोक लेता है और कहता है कि,मां आप यह क्या कर रही है। वसुधा इस घर की बडी बहू है मेरी पत्नी हैं। लेकिन चंद्रिका साफ — साफ इन दोनो के रिश्तो को मानने से मना कर देती हे। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि,क्या देव चंद्रिका को वसुधा के साथ रहने के लिए मना पाता है या फिर यही तक इन दोनो को सफर था।

