दुनिया में मंदी की सुगबुगाहट, पर भारतीय बाजार की रफ्तार सबसे तेज: IMF
5:28 PM, Oct 13, 2026
R Express भारत
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वैश्विक चुनौतियों और दुनिया भर के बाजारों में मंदी की आशंकाओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया भर के देशों

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।वैश्विक चुनौतियों और दुनिया भर के बाजारों में मंदी की आशंकाओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया भर के देशों की आर्थिक सेहत पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने ताजा आंकड़ों में साफ कर दिया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। आईएमएफ ने भारत की विकास दर के पुराने अनुमानों को बदलते हुए इसे और बेहतर कर दिया है।
पुराने अनुमानों को पीछे छोड़ा
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी ताजा रिपोर्ट 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' में बड़ा बदलाव किया है। इससे पहले जुलाई में आईएमएफ का मानना था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की रफ्तार 6.4 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। लेकिन अब नए आंकड़ों में संस्था ने इसमें बड़ी बढ़ोतरी करते हुए साफ कहा है कि भारत 2026 और 2027 दोनों ही सालों में 7 प्रतिशत की धमाकेदार रफ्तार से आगे बढ़ेगा। यह उछाल दिखाता है कि तमाम वैश्विक संकटों के बाद भी भारत का बाजार अंदरूनी तौर पर कितना मजबूत है।
बड़े-बड़े देशों से आगे निकला भारत
अगर हम दुनिया के दूसरे बड़े और ताकतवर मुल्कों से तुलना करें, तो भारत की रफ्तार उनके मुकाबले कहीं ज्यादा दिखाई देती है। उदाहरण के लिए भारत का पड़ोसी देश चीन इस समय भारी सुस्ती का सामना कर रहा है और उसकी वृद्धि दर महज 4.6 प्रतिशत रहने का अंदाजा है। दुनिया की सबसे बड़ी ताकत माना जाने वाला अमेरिका भी सिर्फ 2.3 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद कर रहा है।इस तरह देखें तो भारत चीन और अमेरिका जैसे बड़े दिग्गजों को काफी पीछे छोड़ते हुए वैश्विक आर्थिक तरक्की का सबसे मुख्य इंजन बन चुका है।
क्यों बढ़ रही है भारत की रफ्तार?
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की इस कामयाबी के पीछे कोई एक वजह नहीं है। सबसे बड़ा कारण देश के भीतर सामान और सेवाओं की भारी मांग है। भारतीय लोग खुलकर खरीदारी कर रहे हैं और बाजार में पैसों का रोटेशन बहुत अच्छा बना हुआ है। इसके साथ ही देश का सर्विस सेक्टर (जैसे आईटी, होटल और बैंकिंग) भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है। काम करने वाले युवाओं की बड़ी आबादी भी इस रफ्तार को बनाए रखने में एक अहम रोल निभा रही है।
कुछ चुनौतियां भी हैं सामने
भले ही हमारी रफ्तार सबसे तेज है, लेकिन वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसी मुश्किलें हैं जो आगे चलकर चुनौती बन सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहा उतार-चढ़ाव और अलग-अलग देशों के बीच जारी तनाव भारतीय बाजारों पर भी थोड़ा दबाव बना सकते हैं। इसके बावजूद, आईएमएफ का मानना है कि भारत की बुनियादी ताकत इतनी मजबूत है कि वह इन बाहरी झटकों को आसानी से झेल सकता है।

