लखनऊ में स्कूली बच्चों के खाने में कीड़े और इलाज में लापरवाही पर काटा भारी हंगामा
1:29 PM, Aug 14, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के पारा क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक बड़े हॉस्टल वाले स्कूल के सैकड़ों बच्चे सड़कों पर उतर आए।

लखनऊ में स्कूली बच्चों का फूटा गुस्सा फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के पारा क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक बड़े हॉस्टल वाले स्कूल के सैकड़ों बच्चे सड़कों पर उतर आए। सुबह करीब साढ़े नौ बजे मोहान रोड पर बुद्धेश्वर की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को बच्चों ने पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क के बीचोबीच बैठकर लड़कों ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अचानक हुए चक्काजाम की वजह से सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
थाली में कीड़े और बीमारी में सिर्फ एक गोली
सड़क पर बैठे बच्चों का गुस्सा स्कूल के अंदर मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर था। वहां मौजूद छात्रों ने बताया कि उन्हें जो खाना दिया जाता है, उसकी क्वालिटी बेहद घटिया है। कई बार खाने की दाल और सब्जियों में कीड़े तैरते हुए मिले हैं। इस बारे में जब भी किचन स्टाफ या स्कूल के बड़े बाबुओं से शिकायत की गई, तो बच्चों को डांटकर भगा दिया गया। इसके अलावा बच्चों ने मेडिकल रूम की पोल खोलते हुए कहा कि जब भी कोई छात्र गंभीर रूप से बीमार पड़ता है या उसे तेज बुखार होता है, तो वहां मौजूद कंपाउंडर बिना जांच किए सिर्फ 'डोलो' की गोली थमा देता है। सही इलाज न मिलने से कई बच्चों की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।
नेताओं और बड़े अधिकारियों को खुद आना पड़ा
हंगामे और सड़क जाम की खबर मिलते ही इलाके की पुलिस और बच्चों के विभागों से जुड़े बड़े नेता असीम अरुण और उनके साथ सीनियर अफसर अनुराग यादव तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पहले तो बीच सड़क पर बच्चों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बच्चे नहीं माने तो वे खुद बच्चों के साथ स्कूल के अंदर गए। वहां बंद कमरे में काफी देर तक बच्चों की एक-एक परेशानी को सुना गया। बड़े नेताओं ने बच्चों को भरोसा दिया कि उनकी थाली का खाना तुरंत सुधारा जाएगा और लापरवाही करने वाले स्टाफ पर सख्त एक्शन होगा। इस भरोसे के बाद बच्चों ने अपना धरना खत्म किया।
टीचरों की कमी पर मिला बड़ा भरोसा
बातचीत के दौरान यह बात भी सामने आई कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए जरूरी संख्या में शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं। इस पर आए हुए मेहमानों ने साफ किया कि अध्यापकों की भर्ती का मामला अभी कोर्ट में फंसा हुआ है। उन्होंने वादा किया कि अगले एक हफ्ते के अंदर अदालत में मजबूती से पैरवी की जाएगी ताकि केस खत्म हो और स्कूल को नए टीचर्स मिल सकें। फिलहाल बच्चों को शांत कराकर कक्षाओं में वापस भेज दिया गया है, लेकिन स्कूल प्रशासन पर इस लापरवाही को लेकर जांच की तलवार लटक गई है।

