आदर्श कॉम्प्लेक्स में सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी, तीसरी मंजिल पर लगी भीषण आग
1:09 PM, Aug 7, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास बने 'आदर्श कॉम्प्लेक्स' में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते कॉम्प्लेक्स की तीसरी मं

आदर्श कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर लगी भीषण आग फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास बने 'आदर्श कॉम्प्लेक्स' में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल से धुएं का काला गुबार और तेज लपटें उठने लगीं। सुबह-सुबह हुई इस घटना के बाद आसपास के इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी की जान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे की है। कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर बनी गैलरी में काफी समय से कूड़ा-कचरा इकट्ठा था। इस कूड़े के ढेर में भारी मात्रा में थर्माकोल के टुकड़े और दूसरा सूखा कचरा पड़ा हुआ था। थर्माकोल होने की वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में बेहद विकराल रूप ले लिया।लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने गैलरी से गुजर रहे बिजली के तारों और वहां लगी दुकानों के विज्ञापन बोर्ड (फ्लेक्स) को भी अपनी चपेट में ले लिया। तारों में आग लगते ही तेज धमाके हुए और पूरा हिस्सा धुएं से भर गया, जिससे वहां मौजूद लोग डरकर नीचे की तरफ भागने लगे।
लोगों की सूझबूझ और टीम का एक्शन
जैसे ही आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने ऊपरी मंजिल से धुआं निकलते देखा, उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी खबर मड़ियांव पुलिस स्टेशन और बीकेटी दमकल केंद्र को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के अफसर प्रशांत कुमार अपनी टीम और गाड़ियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए।कॉम्प्लेक्स की ऊंचाई और बिजली के तारों में लगी आग के कारण शुरुआती कुछ मिनट काफी चुनौतीपूर्ण थे। लेकिन दमकल टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और पानी की बौछारें शुरू कर दीं। टीम की सूझबूझ और करीब 40 मिनट की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
शुरुआती जांच और आसपास के लोगों से मिली बातचीत के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि किसी की लापरवाही या शरारत है। सुबह के वक्त वहां शॉर्ट सर्किट जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। ऐसा माना जा रहा है कि गैलरी में पड़े कचरे के ढेर में किसी अनजान व्यक्ति ने जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंक दी या जानबूझकर आग लगा दी। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि, सुबह के वक्त वहां कौन मौजूद था।
राहत की बात: बाल-बाल बचे लोग
इस पूरे हादसे में सबसे अच्छी बात यह रही कि सुबह का वक्त होने के कारण कॉम्प्लेक्स की ज्यादातर दुकानें बंद थीं और वहां लोगों की भीड़ नहीं थी। अगर यही घटना दोपहर या शाम के वक्त होती, जब कॉम्प्लेक्स में सैकड़ों लोग मौजूद होते हैं, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। दमकल टीम की मुस्तैदी की वजह से आग को दूसरी दुकानों के अंदर फैलने से पहले ही रोक दिया गया, जिससे लाखों की संपत्ति जलने से बच गई।

