अयोध्या, काशी और मथुरा को उड़ाने की धमकी, अलर्ट जारी
3:21 PM, Nov 7, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश के तीन सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों—अयोध्या, वाराणसी (काशी) और मथुरा—में एक खौफनाक धमकी भरे ईमेल के बाद हड़कंप मच गया है। अज्ञात हमलावरों ने इन

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश के तीन सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों—अयोध्या, वाराणसी (काशी) और मथुरा—में एक खौफनाक धमकी भरे ईमेल के बाद हड़कंप मच गया है। अज्ञात हमलावरों ने इन शहरों के प्रमुख मंदिरों, नामी स्कूलों और अदालतों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी है। यह धमकी भरा मेल मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है।
दावा किया जा रहा है कि, यह ईमेल खालिस्तान नेशनल आर्मी नाम के एक ग्रुप की तरफ से भेजा गया है। इस मैसेज में साफ तौर पर लिखा है कि 8 नवंबर से लेकर 27 नवंबर के बीच इन तीनों शहरों में सिलसिलेवार तरीके से बड़े धमाके किए जाएंगे। इस इनपुट के सामने आते ही सुरक्षा में लगी टीमें तुरंत एक्टिव हो गई हैं और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
बीएचयू, नामी स्कूल और नगर निगम निशाने पर
वाराणसी (काशी) में यह धमकी भरा मेल नगर निगम के ऑफिशियल मेल एड्रेस पर आया है। इस मेल में देश के मशहूर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, सेंट्रल हिंदू स्कूल और केंद्रीय विद्यालय समेत शहर के कई बड़े स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा, काशी विश्वनाथ मंदिर और उसके आस-पास के व्यस्त इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और स्पेशल टीमें हर संदिग्ध गाड़ी और आने-जाने वाले लोगों की सघन तलाशी ले रही हैं।
अदालतों और धार्मिक स्थलों पर कड़ा पहरा
धमकी का यह सिलसिला सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं है। अयोध्या में जिला कोर्ट की ईमेल आईडी पर भी बुधवार को ऐसा ही एक धमकी भरा संदेश मिला था। इसके बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है और खोजी कुत्तों की मदद से पूरे परिसर की जांच की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर और मेयर दफ्तर के आस-पास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
इंटरनेट खंगालने में जुटी साइबर और खुफिया टीमें
इस ईमेल के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स और यूपी की स्पेशल इंटेलिजेंस टीमें जुट गई हैं। वे इस ईमेल के डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि भेजने वाले की सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह किसी फर्जी ईमेल रैकेट का काम तो नहीं है।
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की है। साथ ही, लोगों से कहा गया है कि अगर उन्हें अपने आस-पास कोई भी लावारिस सामान या संदिग्ध व्यक्ति दिखे, तो तुरंत इसकी जानकारी लोकल पुलिस को दें।


