लखनऊ-कानपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
2:58 PM, Jun 8, 2026
R Express भारत
Share:
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अचानक आए इस बदलाव को लेकर हाई अलर्ट जारी

यूपी में कुदरत का यू-टर्न सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अचानक आए इस बदलाव को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ 'नाउकास्ट' अलर्ट
मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने तत्काल प्रभाव से 'नाउकास्ट' अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि अगले तीन घंटों के भीतर इन इलाकों में मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और मध्य यूपी के जिलों में देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग की सूची के अनुसार, महोबा, बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन और औद्योगिक नगरी कानपुर में स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है। इन जिलों में धूल भरी आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा राजधानी लखनऊ, उन्नाव, चित्रकूट, झांसी, इटावा, बाराबंकी, सीतापुर और शाहजहांपुर में भी आसमान में घने बादल छाए रहने, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है।
70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
इस बार का पश्चिमी विक्षोभ काफी सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रभावित जिलों में हवा की आम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी। लेकिन, आंधी के मुख्य झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू सकते हैं। इतनी तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, टिन शेड, साइनबोर्ड और कमजोर पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है। विशेषकर कानपुर और लखनऊ जैसे घने आबादी वाले शहरों में नगर निगम को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।
इस पूरे वेदर अपडेट में सबसे चिंताजनक बात आकाशीय बिजली की चेतावनी है। पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासनों ने गाइडलाइन जारी की है कि,यदि आप खेत या किसी खुले मैदान में काम कर रहे हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें।अक्सर लोग बारिश से बचने के लिए बड़े पेड़ों के नीचे खड़े हो जाते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ऊंचे और अकेले पेड़ों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है।तेज आंधी के कारण बिजली के तार टूटने या खंभे गिरने का डर रहता है। ऐसे में करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। घर के भीतर रहने के दौरान भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और मोबाइल का उपयोग कम से कम करें।
किसानों की बढ़ी चिंता
अचानक आए मौसम के इस मिजाज से आम जनता को भले ही गर्मी से थोड़ी राहत मिले, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। इस समय खेतों में कई तरह की फसलें और सब्जियां लगी हुई हैं। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। आम के बागवानों के लिए भी यह आंधी काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि तेज हवाओं से फल टूटकर गिर जाते हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, स्थानीय स्तर पर अत्यधिक गर्मी और हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। इसके साथ ही पहाड़ों पर सक्रिय हुए एक नए सिस्टम की वजह से मैदानी इलाकों में नमी वाली हवाएं आ रही हैं। जब गर्म और ठंडी हवाएं आपस में टकराती हैं, तो इस तरह के स्थानीय तूफान बनते हैं। हालांकि, यह बदलाव कुछ ही समय के लिए रहेगा, लेकिन इस छोटे से समय में इसकी तीव्रता काफी अधिक हो सकती है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया और लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जब तक बहुत जरूरी न हो, लोगों को यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। यदि आप रास्ते में हैं, तो किसी सुरक्षित और पक्की इमारत के नीचे अपनी गाड़ी पार्क करें।उत्तर प्रदेश का मौसम विभाग पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सैटेलाइट से मिल रहे डेटा के आधार पर लगातार जिलों को अपडेट भेज रहा है। जनता को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों का ही पालन करें।

