एसआईआर के लिए एक सप्ताह का समय बढ़ाया गया,अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी को
। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियां को एक सप्ताह बढ़ाते हुए संशोधित तिथियां जारी कर दी गई है। अब अंतिम प्रकाशन 16 फरवरी को किया जाएगा। एक सप्ताह का समय मिलने से SIR का काम पूरा करने का समय मिल गया है।
lucknow
7:41 PM, Nov 30, 2025
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एसआईआर के लिए एक सप्ताह का समय बढ़ाया गया सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियां को एक सप्ताह बढ़ाते हुए संशोधित तिथियां जारी कर दी गई है। अब अंतिम प्रकाशन 16 फरवरी को किया जाएगा। एक सप्ताह का समय मिलने से SIR का काम पूरा करने का समय मिल गया है।
15 दिसम्बर तक कर सकते है आपत्ति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संशोधन तिथियां के अनुसार 11 दिसम्बर 2025 तक गणना अवधि निर्धारित की गई है। मतदेय स्थलों का संभाजन भी 11 दिसम्बर, 2025 तक किया जाएगा। 12 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2025 तक दावे आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद 16 दिसंबर, 2025 को निर्वाचन नामावलियों का प्रकाशन किया जाएगा।
सात फरवरी तक आपत्तियों का निस्तारण
16 दिसंबर, 2025 से 07 फरवरी, 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे और आपत्तियों का निस्तारण ईआरओ द्वारा किया जाएगा। 10 फरवरी, 2026 को आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति प्राप्त करना है। प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों (मतदाता सूचियों) का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
70 फीसदी SIR का डिजिटलाइजेशन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक प्रदेश में 10.75 करोड़ से अधिक यानी 70 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। साथ ही अब तक 9177 मतदेय स्थलों पर बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
बीएलओ का सहयोग करें अधिकारी
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चूंकि एक सप्ताह की अवधि और मिल गई है, इसलिए उनके अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ख़ासकर BLO को अनावश्यक मानसिक दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है। पर्याप्त समय है जिसमें सारा कार्य पूर्ण हो सकता है। ऐसे BLO जो किसी भी वजह से कार्य में पिछड़ गए हैं और जिनको सहयोग की आवश्यकता उनको यथा आवश्यक सहयोग दिलाया जाए

