त्रिपुष्कर योग आज: शाम 4:57 से चमकेगी किस्मत, लेकिन भद्रा से बचें
1:57 PM, Oct 31, 2026
R Express भारत
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आज का दिन ज्योतिषीय गणना के लिहाज से बेहद खास और उथल-पुथल से भरा रहने वाला है। आज शाम को एक तरफ जहाँ बेहद शुभ और तीन गुना फल देने वाला 'त्रिपुष्कर योग' शुर

sketch by - ( AI )
आज का दिन ज्योतिषीय गणना के लिहाज से बेहद खास और उथल-पुथल से भरा रहने वाला है। आज शाम को एक तरफ जहाँ बेहद शुभ और तीन गुना फल देने वाला 'त्रिपुष्कर योग' शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ 'भद्रा' का साया भी मंडरा रहा है। ज्योतिषियों का कहना है कि आज कोई भी शुभ काम या पूजा-पाठ करने से पहले समय का विशेष ध्यान रखना होगा, नहीं तो फायदे की जगह बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्या होता है त्रिपुष्कर योग और क्यों है यह खास?
ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को एक दुर्लभ और बेहद फलदायी समय माना गया है। आज शाम 4:57 बजे से इस विशेष योग की शुरुआत होने जा रही है। मान्यता है कि इस दौरान आप जो भी अच्छा काम करते हैं, उसका फल आपको तीन गुना होकर वापस मिलता है। अगर आप इस समय कोई नया बिजनेस शुरू करते हैं, सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं या जमीन-जायदाद में निवेश करते हैं, तो उसमें तिगुनी तरक्की होने के योग बनते हैं।
लेकिन यहाँ एक बड़ी चेतावनी भी है! इस योग में भूलकर भी कर्ज नहीं लेना चाहिए और न ही कोई गलत काम करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान हुआ नुकसान या सिर पर चढ़ा कर्ज भी तीन गुना बढ़ जाता है।
भद्रा के साये ने बढ़ाई परेशानी
शाम को त्रिपुष्कर योग शुरू तो हो रहा है, लेकिन इसके साथ भद्रा की एंट्री ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सनातन परंपरा में भद्रा के समय को शुभ नहीं माना जाता। इसे विघ्न-बाधाओं का काल कहा जाता है। भद्रा के दौरान शादी-ब्याह, मुंडन, गृह प्रवेश, या किसी नए काम की शुरुआत पूरी तरह वर्जित होती है। ऐसा माना जाता है कि भद्रा काल में शुरू किया गया कोई भी मांगलिक कार्य कभी सफल नहीं होता और उसमें लगातार रुकावटें आती रहती हैं।
भूलकर भी न करें ये गलतियाँ, ऐसे बिठाएं तालमेल
चूँकि आज शाम 4:57 बजे से त्रिपुष्कर योग एक्टिव हो जाएगा, इसलिए आपको बेहद सावधानी बरतनी होगी। जब तक भद्रा का साया पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नए और बड़े काम की शुरुआत न करें।
राहत की बात यह है कि आपकी रोज की सामान्य पूजा-पाठ पर भद्रा का कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। लेकिन अगर आप कोई विशेष अनुष्ठान, बड़ी खरीदारी या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो भद्रा का समय बीत जाने का इंतजार करें।भद्रा खत्म होने के बाद और त्रिपुष्कर योग के रहते जो समय मिलेगा, वह आपके लिए सबसे उत्तम और महाकल्याणकारी साबित होगा।

