ट्रंप का बड़ा यू-टर्न: रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका, पुतिन के साथ हुई सीक्रेट डील
4:03 PM, Oct 10, 2026
R Express भारत
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दुनिया की राजनीति में एक ऐसा यू-टर्न देखने को मिला है जिसने सबको हैरान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के

sketch by - ( AI )
दुनिया की राजनीति में एक ऐसा यू-टर्न देखने को मिला है जिसने सबको हैरान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बहुत बड़ा समझौता किया है। इस नई डील के तहत रूस अब अमेरिकी और दुनिया के दूसरे बाजारों में लाखों टन डीजल की सप्लाई करेगा। यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने रूसी तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही थी, लेकिन अब अमेरिका खुद रूस से ईंधन खरीदने जा रहा है।
क्यों बदलना पड़ा ट्रंप को अपना फैसला?
इस अचानक हुए समझौते के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। खासकर ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। अमेरिका में कुछ ही हफ्तों बाद बड़े चुनाव होने वाले हैं। वहाँ महंगाई और महंगे डीजल की वजह से आम जनता और किसानों में काफी गुस्सा है। अमेरिका में ज्यादातर सामान ट्रकों से ढोया जाता है, इसलिए डीजल महंगा होने से खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो गई थीं। टेक्सस, ओहायो और आयोवा जैसे बड़े राज्यों के किसानों और ट्रक चालकों को खुश करने के लिए ट्रंप ने यह कदम उठाया है ताकि चुनाव में उनकी कुर्सी बची रहे।
डील के तहत कितना डीजल आएगा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस समझौते की जानकारी शेयर की है। डील के मुताबिक,• रूस तुरंत अमेरिकी और ग्लोबल मार्केट के लिए 3 लाख टन से ज्यादा डीजल की सप्लाई शुरू करेगा।इसके बाद नवंबर के महीने में 5 लाख टन डीजल और भेजा जाएगा।अगले चरण में 10 लाख टन डीजल की एक और बड़ी खेप आएगी।हालात को देखते हुए भविष्य में रूस से कुल 30 लाख टन तक डीजल मंगाया जा सकता है।इस पूरी डील को हरी झंडी देने के लिए अमेरिकी वित्त विभाग ने रूस पर लगे प्रतिबंधों में अप्रैल 2027 तक की ढील दे दी है। हालांकि, बैंकों में जमा रूस का पुराना पैसा अभी भी ब्लॉक रहेगा।
भड़क उठा यूक्रेन, जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
ट्रंप के इस फैसले से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने ट्रंप सरकार की इस कूटनीति को बेहद कमजोर बताया है। जेलेंस्की का कहना है कि रूस से डीजल खरीदना एक तरह से पुतिन को युद्ध के लिए पैसे देने जैसा है। रूस इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन पर और घातक हमले करने के लिए करेगा। अब देखना यह होगा कि इस फैसले का अमेरिकी चुनाव और रूस-यूक्रेन जंग पर क्या असर पड़ता है।

