ANTF और बीकेटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
1:05 PM, Jul 19, 2026
R Express भारत
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एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मुख्यालय लखनऊ और स्थानीय बख्शी का तालाब थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान सीतापुर राष्ट्रीय राजमा

बख्शी का तालाब थाना की फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मुख्यालय लखनऊ और स्थानीय बख्शी का तालाब थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की बस से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद किया है। इस औचक चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस बल ने दो शातिर मादक पदार्थ तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मुखबिर तंत्र और गोपनीय सूत्रों के माध्यम से एक प्रामाणिक सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के सदस्य सार्वजनिक परिवहन सेवा का लाभ उठाकर भारी मात्रा में गांजे की खेप को गंतव्य की ओर ले जा रहे हैं। उक्त सूचना को तत्काल संज्ञान में लेते हुए एएनटीएफ और बीकेटी थाना पुलिस ने एक संयुक्त रणनीतिक टीम का गठन किया और सीतापुर रोड पर सघन चेकिंग ब्लॉक स्थापित किया।
सघन तलाशी में 20.570 किलोग्राम गांजा बरामद
मार्ग से गुजर रही संदिग्ध रोडवेज बस को रोककर जब पुलिस टीम द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया, तो बस में यात्रा कर रहे दो सह-यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। संदेह के आधार पर जब उनकी व्यक्तिगत और सामान की तलाशी ली गई, तो उनके पास से कुल 20.570 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से तस्करी की योजना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, कुछ नकद धनराशि और यात्रा के लिए उपयोग किए गए रोडवेज बस के टिकट भी साक्ष्य के रूप में जब्त किए हैं।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान स्थापित कर उन्हें तत्काल प्रभाव से अभिरक्षा में ले लिया गया है। स्थानीय बीकेटी थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास और उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क के स्रोतों का पता लगाने के लिए अग्रिम कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार की पूरी कड़ियों को ध्वस्त किया जा सके।

