मौसम का यू-टर्न: भीषण लू के बीच राहत की तारीख तय, जानिए आपके राज्य में कब बरसेगा पानी ?
4:51 PM, Jun 15, 2026
R Express भारत
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उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश इस समय अपने चरम पर है। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से लेकर उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों तक लोग इस समय

भीषण लू के बीच राहत की तारीख तय सौ0 RExpress भारत
उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश इस समय अपने चरम पर है। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से लेकर उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों तक लोग इस समय भीषण लू और उमस से बेहाल हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और तापमान 43 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इस तपती गर्मी के बीच हर किसी की नजरें आसमान पर टिकी हैं कि आखिर इस भीषण गर्मी से राहत कब मिलेगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा वैज्ञानिक आंकड़ों और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से यह साफ हो गया है कि, मौसम अब बहुत जल्द एक बड़ा करवट लेने जा रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत में एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है। आइए जानते हैं कि भारत के किन प्रदेशों में मौसम का यह बदलाव कब और कैसे देखने को मिलेगा।
इन राज्यों में अगले 48 घंटों में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान में हवाओं का रुख बदलना शुरू हो चुका है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का प्रवेश हो रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की शुरुआत होने वाली है।इस मौसमी बदलाव के कारण इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत देंगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार: मानसून और प्री-मानसून की जुगलबंदी
उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा इस समय बिहार के कई जिलों को छू चुकी है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में पूरी तरह दाखिल हो जाएगा।गोरखपुर, बलिया, वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।मेरठ, अलीगढ़, और आगरा जैसे जिलों में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।बिहार के करीब 12 जिलों में बिजली कड़कने और भारी आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बादल छाए हुए हैं, जिससे तापमान 35 डिग्री के आसपास सिमट गया है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: कब थमेगा लू का दौर?
मध्य भारत और पश्चिमी भारत के राज्य इस समय देश में सबसे ज्यादा तप रहे हैं। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे इलाकों में पारा इस समय आसमान छू रहा है, लेकिन यहाँ भी राहत का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिलों (जैसे जयपुर, अलवर, और चूरू) में स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अचानक मौसम बदलेगा। तेज आंधी के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से तुरंत निजात मिलेगी।मध्य प्रदेश के ग्वालियर और गुना संभागों में प्री-मानसून की बारिश शुरू होने वाली है। वहीं, छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्सों में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे अगले 3 दिनों में पूरे राज्य का मौसम सुहावना हो जाएगा।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की रफ्तार
एक तरफ जहां उत्तर भारत गर्मी से जूझते हुए बारिश की उम्मीद कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ केरल, कर्नाटक, कोंकण गोवा और पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है। इन क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन को लेकर भी चेतावनी जारी की है, क्योंकि वहाँ लगातार 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है।
मौसम में अचानक होने वाले इस बड़े बदलाव के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। जब अचानक भीषण गर्मी के बाद ठंडी हवाएं चलती हैं या बारिश होती है, तो शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है।

