UP में मौसम का यू-टर्न: 66 जिलों में आंधी-बारिश की आफत, झुलसाती गर्मी से मिली बड़ी राहत
2:55 PM, Jun 12, 2026
R Express भारत
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लोगों को लंबे समय से जिस राहत का इंतजार था, आखिरकार वह घड़ी आ गई है। प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है और चिलचिलाती धूप व जानलेवा लू का दौर अब थमता हुआ नजर

मौसम विभाग की चेतावनी जारी सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लोगों को लंबे समय से जिस राहत का इंतजार था, आखिरकार वह घड़ी आ गई है। प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है और चिलचिलाती धूप व जानलेवा लू का दौर अब थमता हुआ नजर आ रहा है। आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों ने तपती धरती को शांत करना शुरू कर दिया है। हवाओं के रुख में आए इस बदलाव की वजह से प्रदेश के 66 से अधिक जिलों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इस अचानक आए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता ने राहत की सांस ली है।
तूफानी हवाओं के साथ बारिश का घेरा
मौसम के जानकारों के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह पहाड़ी इलाकों और हवा के ऊपरी हिस्से में बना एक दबाव का क्षेत्र है, जो अब मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ चुका है। इसके असर से पूरे प्रदेश में तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं। उत्तर प्रदेश के लगभग 19 जिलों में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां हवाओं की रफ्तार 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवाएं अपने साथ भारी धूल और तबाही लाने की क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही करीब 12 जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि यानी बर्फ के गोले गिरने की भी पूरी आशंका बनी हुई है। मौसम के इस मिजाज को देखते हुए कई इलाकों में पहले ही सावधानी बरतने को कह दिया गया है।
लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। जो सूरज कल तक आग उगल रहा था, वह आज बादलों के पीछे छिपा नजर आया। लखनऊ में पारा सीधे गिरकर 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे लोगों को पसीने वाली गर्मी से बहुत राहत मिली है। हालांकि, हवा बंद होने पर बीच-बीच में उमस का अहसास जरूर हो रहा है। वहीं, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में भी दोपहर होते-होते धूल भरी आंधी के साथ तेज बौछारें पड़ीं, जिससे सड़कों पर सन्नाटे की जगह खुशनुमा माहौल देखने को मिला।
नोएडा-गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी का हाल
दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मानसून के आने से ठीक पहले होने वाली इस हलचल के कारण इन शहरों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। मेरठ और आगरा के बेल्ट में आंधी-तूफान का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। धूल की मोटी चादर के कारण दोपहर में ही गाड़ियों की हेडलाइट जलानी पड़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का यह दौर जारी रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में भी तापमान नियंत्रण में रहेगा।
गोरखपुर और पूर्वांचल में भारी बारिश
पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल की बात करें तो यहां मौसम का सबसे रौद्र और सुखद दोनों रूप देखने को मिला है। गोरखपुर में पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 75 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, लेकिन लोगों के चेहरे पर भीषण गर्मी से निजात पाने की खुशी साफ देखी जा सकती है। वाराणसी, मऊ और बलिया जैसे जिलों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर चल रहा है। लगातार हो रही इस बारिश ने वातावरण को पूरी तरह ठंडा कर दिया है।
भले ही यह मौसम गर्मी से राहत लेकर आया है, लेकिन अपने साथ कुछ खतरे भी लाया है। तेज आंधी और आसमानी बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि जब भी आसमान में बिजली कड़के या तेज आंधी चले, तो भूलकर भी किसी बड़े पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। कच्चे मकानों, टिन शेड और होर्डिंग्स के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेनी चाहिए। इसके अलावा, जिन किसानों की फसलें खुले में पड़ी हैं, वे तुरंत उन्हें किसी सुरक्षित और ढकी हुई जगह पर पहुंचा दें, ताकि ओले और पानी से नुकसान न हो।कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिन इसी तरह के उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं। गर्मी का सितम फिलहाल कम रहेगा और आंधी-पानी का यह दौर लोगों को राहत देता रहेगा।

