ट्रंप की शर्त ठुकराकर यूक्रेन ने तोड़ा ऊर्जा युद्धविराम, रूस के तेल ठिकानों पर फिर दागे ड्रोन
6:13 PM, Oct 16, 2026
R Express भारत
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। यूक्रेन के मुखिया वोलोडिमिर जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिकी राष्ट्र

sketch by- (AI )
उत्तर प्रदेश।रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। यूक्रेन के मुखिया वोलोडिमिर जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों के आगे नहीं झुकेंगे। यूक्रेन ने ट्रंप के उस 'एनर्जी सीजफायर' (ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने के समझौते) को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसके तहत रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की बात कही गई थी। जेलेंस्की ने कड़े शब्दों में कहा है कि अब इस पाबंदी का खेल खत्म हो चुका है और वे रूस के खिलाफ अपने कदम पीछे नहीं खींचेंगे।
क्यों फेल हुआ ट्रंप का यह समझौता?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ही दिन पहले दोनों देशों के बीच तेल और बिजली ठिकानों पर हमले रोकने का एकतरफा दावा किया था। ट्रंप का मानना था कि रूसी रिफाइनरियों पर हमलों की वजह से दुनिया भर में डीजल और तेल के दाम बढ़ रहे हैं। ट्रंप की इस बात का मान रखते हुए यूक्रेन ने दो-तीन दिनों के लिए रूस के तेल ठिकानों पर हमले रोक भी दिए थे। लेकिन दूसरी तरफ रूस ने इस ढील का फायदा उठाया और यूक्रेन के बिजलीघरों, गैस सप्लाई लाइनों और पावर ग्रिडों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दागने जारी रखे। जेलेंस्की का कहना है कि जब रूस लगातार उनके देश की बत्ती गुल कर रहा है, तो वे चुपचाप नहीं बैठ सकते।
धोखे का आरोप और भड़के जेलेंस्की
एक इंटरव्यू के दौरान यूक्रेन के मुखिया ने अमेरिकी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस के साथ पर्दे के पीछे हाथ मिला लिया है और लाखों टन डीजल खरीदने का सौदा किया है। जेलेंस्की ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि जंग के इस दौर में अमेरिका यूक्रेन को मिलने वाली खुफिया जानकारियां रोक रहा है ताकि उस पर हमले बंद करने का दबाव बनाया जा सके। यहां तक कि यूक्रेन की सेना जो स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल करती है, उसकी स्पीड और काम करने के तौर-तरीकों पर भी बंदिशें लगा दी गईं। जेलेंस्की ने इसे अपने साथ बहुत बड़ा धोखा बताया है।
हमले शुरू होते ही दहला रूस
समझौता टूटने के तुरंत बाद यूक्रेन के लड़ाकू ड्रोनों ने रूस के भीतर घुसकर रियाजान और सारातोव इलाकों में मौजूद बड़ी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। इन हमलों के बाद रूसी तेल डिपो में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इस पलटवार से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी भड़क गए हैं और उन्होंने यूक्रेन के इस कदम को शर्मनाक बताया है। बहरहाल, यूक्रेन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और उसने साफ कर दिया है कि जब तक रूस सुधरेगा नहीं, तब तक उसके तेल के खेल को ऐसे ही बिगाड़ा जाता रहेगा।

