अनियंत्रित ट्रैक्टर ने जोमैटो बॉय को कुचला, मौके पर ही थमी सांसें
2:38 PM, Aug 11, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के तेलीबाग इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ वृंदावन सेक्टर 12 के पास सोमवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक नौजवान जोमैटो डिलीवरी बॉय

नितिन चौरसिया की फाइल फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के तेलीबाग इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ वृंदावन सेक्टर 12 के पास सोमवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक नौजवान जोमैटो डिलीवरी बॉय की जान चली गई। तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली ने युवक की मोटरसाइकिल को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि, उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला। मृतक की पहचान मीरखनगर के रहने वाले 21 साल के नितिन चौरसिया के रूप में हुई है।
रात के अंधेरे में हुआ भयानक एक्सीडेंट
जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा सोमवार रात करीब 11 बजे वृंदावन सेक्टर 12 के नहर चौराहे पर हुआ। नितिन चौरसिया रात के वक्त जोमैटो कंपनी के लिए फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। वह अपनी बाइक से वृंदावन इलाके में ही किसी ग्राहक का ऑर्डर पहुंचाने जा रहे थे। जैसे ही वह नहर चौराहे के पास पहुंचे, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रैक्टर चला रहा ड्राइवर गाड़ी पर से अपना संतुलन खो चुका था।
मौके पर मौजूद के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नितिन उछलकर सीधे सड़क पर जा गिरे। इसके तुरंत बाद बेकाबू ट्रैक्टर का भारी-भरकम पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। इस भयानक टक्कर और कुचले जाने की वजह से नितिन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई जिंदगी
घटना की खबर मिलते ही आस-पास के लोग और वहां से गुजर रहे राहगीर मदद के लिए दौड़े। तुरंत ही इस बात की जानकारी आपातकालीन सेवाओं को दी गई। मौके पर पहुंची टीम नितिन को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी ट्रामा सेंटर लेकर गई। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद नितिन को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल पहुंचने से काफी पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
हेलमेट न होने की वजह से गई जान
इस पूरी घटना में एक बेहद चौंकाने वाली और सबक देने वाली बात सामने आई है। नितिन के पिता सरवन ने रोते हुए बताया कि घर से निकलते समय नितिन ने हेलमेट नहीं लगाया था। टक्कर के दौरान उनके सिर में बहुत गहरी और गंभीर चोटें आईं। अगर नितिन के सिर पर हेलमेट होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। सुरक्षा की एक छोटी सी लापरवाही इस नौजवान पर बहुत भारी पड़ गई।
परिवार का इकलौता सहारा छिना, छाया मातम
नितिन की अचानक मौत से उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता सरवन गांव में ही खेती-बाड़ी का काम करते हैं, जबकि मां पुष्पा देवी घर संभालती हैं। नितिन का एक छोटा भाई भी है जिसका नाम जितिन है। नितिन अपने घर के बड़े बेटे थे और जोमैटो में काम करके पूरे घर का खर्च चला रहे थे। वह अपने परिवार की रोजी-रोटी का इकलौता जरिया थे। उनकी मौत के बाद से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

