लखनऊ विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों का अनोखा विरोध प्रदर्शन
3:53 PM, Aug 3, 2026
R Express भारत
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लखनऊ से राजनीति की एक बेहद चौंकाने वाली और अनोखी तस्वीर सामने आई है। विधानसभा सत्र की शुरुआत के पहले ही दिन विपक्षी पार्टी के नेताओं ने परिसर के भीतर बने

लखनऊ विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों का अनोखा विरोध प्रदर्शन फोटो सौ0 RExpressभारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ से राजनीति की एक बेहद चौंकाने वाली और अनोखी तस्वीर सामने आई है। विधानसभा सत्र की शुरुआत के पहले ही दिन विपक्षी पार्टी के नेताओं ने परिसर के भीतर बने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बुत के सामने इकट्ठा होकर एक बहुत बड़ा और अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं के हाथों में पोस्टर, बैनर और दान पेटियाँ दिखाई दीं, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी हाइलाइट नेताओं के हाथों में मौजूद 'दान पात्र' थे। विपक्षी नेताओं ने इन पेटियों को हाथ में लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी की। इस सांकेतिक प्रदर्शन के ज़रिए नेताओं ने अयोध्या में बने भव्य मंदिर के चंदे और चढ़ावे में हुई कथित धांधली और पैसों की हेराफेरी का मुद्दा उठाया। नेताओं का आरोप है कि आस्था के नाम पर आए पैसों का सही हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा है। इसी के विरोध में उन्होंने परिसर के भीतर एक छोटा सा नाटक भी किया, जिसमें चंदे के पैसों की हेराफेरी को दर्शाया गया।
इस प्रदर्शन का दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में लगी सेंध रही। नेताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिस पर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और 'पेपर चोरों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग लिखी थी। विपक्ष का कहना है कि लगातार लीक हो रहे परीक्षाओं के पेपरों की वजह से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कड़े कानून होने के बावजूद इस रैकेट को चलाने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
इस ज़ोरदार प्रदर्शन में केवल आस्था और शिक्षा ही नहीं, बल्कि आम जनता की जेब से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। नेताओं ने रोज़मर्रा के इस्तेमाल की चीज़ों, खाने-पीने के सामान और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रशासन को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज के दौर में बढ़ती बेरोजगारी और बेकाबू होती महंगाई ने आम परिवार का जीना दूभर कर दिया है।
यह पूरा प्रदर्शन यह साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर की कार्यवाही बेहद हंगामेदार होने वाली है, जहाँ जनता से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिलेगी।

