UP MLC Election: वाराणसी में लाल बिहारी यादव की ऐतिहासिक जीत, टूटे पुराने रिकॉर्ड
3:28 PM, Nov 7, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश के सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबलों में से एक वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस कांटे के मुकाबले में समाजवादी

photo by - ( AI )
उत्तर प्रदेश के सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबलों में से एक वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस कांटे के मुकाबले में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। इस शानदार जीत के बाद लाल बिहारी यादव लगातार अपने समर्थकों और वोटर्स के बीच पहुंचकर उनका आभार जता रहे हैं।
शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए जारी रहेगा संघर्ष: लाल बिहारी
जीत की औपचारिक घोषणा के बाद लाल बिहारी यादव ने अपने समर्थकों के बीच अपनी भावी योजनाओं और प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि उन तमाम गुरुजनों और प्रबुद्ध वर्ग की है जिन्होंने सत्ता के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
लाल बिहारी यादव ने अपनी प्राथमिकताओं को गिनाते हुए कहा कि वे लंबे समय से उपेक्षित वित्तविहीन शिक्षकों को उनका असली हक दिलाने के लिए अपनी आवाज बुलंद रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण सहायता प्राप्त स्कूलों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। इसके साथ ही, मदरसा आधुनिकीकरण से जुड़े शिक्षकों की समस्याओं को भी वे पुरजोर तरीके से उठाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि साल 2027 में सूबे के सियासी बदलाव के साथ ही शिक्षकों की तमाम जायज मांगों को पूरा कर दिया जाएगा।
2020 के मुकाबले पांच गुना बड़ी जीत
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, लाल बिहारी यादव की यह जीत बेहद खास है। साल 2020 के चुनाव में उन्होंने महज 936 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार पढ़े-लिखे मतदाताओं (जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट और पीएचडी होल्डर्स शामिल हैं) ने एकतरफा वोटिंग की। नतीजतन, जीत का यह फासला बढ़कर 5,000 वोटों से भी अधिक हो गया।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मिली इस कामयाबी से समाजवादी पार्टी का खेमा बेहद गदगद है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस जीत को आगामी विधानसभा चुनाव की आहट बताया है। वाराणसी की शिक्षक और स्नातक दोनों ही सीटों पर सपा का कब्जा होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि वाराणसी की जागरूक जनता ने तथाकथित 'डबल इंजन' को 'डबल जीरो' में तब्दील कर दिया है। यह परिणाम साफ करता है कि सूबे का प्रबुद्ध वर्ग अब बदलाव की राह पर चल पड़ा है।


