चुनावी प्रचार में बच्चे का इस्तेमाल: उदयनिधि स्टालिन पर FIR दर्ज
2:24 PM, Oct 4, 2026
R Express भारत
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तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रमुक के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस ने माम

sketch by - ( AI )
तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रमुक के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उन पर यह कानूनी कार्रवाई धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान एक नाबालिग बच्चे को चुनावी गतिविधियों में शामिल करने के आरोप में की गई है। चुनाव आयोग के कड़े नियमों के उल्लंघन के इस मामले ने राज्य में एक नया सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है।
यह पूरी घटना शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 की बताई जा रही है। धारापुरम शहर में पेरियार प्रतिमा के पास द्रमुक की एक बड़ी चुनावी रैली का आयोजन किया गया था। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, उदयनिधि स्टालिन जिस प्रचार वाहन पर सवार थे, उस पर एक नाबालिग बच्चे को भी देखा गया। आरोप है कि प्रचार के दौरान उस बच्चे के हाथ में माइक सौंप दिया गया, जिसने वहां मौजूद जनता को संबोधित किया।
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बच्चे ने मंच से जो भाषण दिया, उसमें तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके साथ ही बच्चे ने वहां मौजूद मतदाताओं से द्रमुक के पक्ष में मतदान करने की सीधे तौर पर अपील भी की।
आदर्श आचार संहिता और चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन
भारतीय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा बच्चों को चुनावी रैलियों, पोस्टरों या किसी भी प्रकार के प्रचार अभियान में शामिल करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। चूंकि धारापुरम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं, इसलिए क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है। बच्चों के इस तरह इस्तेमाल को बाल अधिकारों और चुनावी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है, जिसके बाद धारापुरम थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। हालांकि, सुरक्षा और प्रक्रियात्मक कारणों से पुलिस ने अभी तक शिकायतकर्ता के नाम और मामले में लगाई गई विशिष्ट धाराओं का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है। इस कानूनी कार्रवाई के बाद राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने की उम्मीद है।

