उत्तर से पूर्व तक बिगड़े मौसम के मिजाज, अंधड़ और बारिश का तांडव
6:36 PM, May 30, 2026
R Express भारत
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देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ लू के बीच मौसम ने अचानक बेहद खतरनाक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के 15 से अधिक राज्यों

मौसम में अचानक से बदलाव सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ लू के बीच मौसम ने अचानक बेहद खतरनाक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, धूल भरे तूफान, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम के इस अचानक आए बदलाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, सिक्किम) और दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों में भी भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का तांडव देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां 43 से अधिक जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट घोषित किया है।भीषण आंधी और तूफान वाले जिलो में बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और इटावा शामिल है। यहां 90 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और तूफान आने की चेतावनी है। वही दूसरी ओर वाराणसी, गोंडा, श्रावस्ती, बरेली, पीलीभीत और आसपास के इलाकों में तेज ओले गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और रामपुर जैसे पश्चिमी यूपी के जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
लगातार तीन हफ्तों से भट्टी की तरह तप रही देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में शनिवार को अचानक आए तेज तूफान और बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस अंधड़ के कारण इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही और उड़ानों पर असर पड़ा है।
पंजाब और हरियाणा
बताया जा रहा है कि,पठानकोट, जालंधर, अमृतसर, अंबाला, रोहतक, पानीपत और सिरसा जैसे जिलों में तेज मानसूनी पूर्व हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के उत्तरी हिस्से में मौसम ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जयपुर जैसे जिलों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से उठे रेतीले बवंडर के कारण दृश्यता शून्य हो गई है। तूफान के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गुना, सागर और खजुराहो में भी ओलावृष्टि और तेज आंधी ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर में बाढ़ जैसे हालात
पूर्वी भारत में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से बिहार के पटना, भागलपुर, गया समेत कई जिलों और पश्चिम बंगाल के कोलकाता और दक्षिण बंगाल में रातभर मूसलाधार बारिश हुई है। असम, मेघालय और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आम जनता के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की है कि,आंधी-तूफान के समय कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और पुराने पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और खुले मैदानों या खंभों से दूर रहें।यात्रा करने से बचें और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन न ले जाएं।यह बदलाव जहां एक तरफ प्रचंड गर्मी से बड़ी राहत लेकर आया है, वहीं अचानक आए इस तीव्र तूफान ने बुनियादी ढांचे और फसलों को गंभीर क्षति पहुंचाई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक इन राज्यों में स्थिति ऐसी ही बनी रह सकती है।

