लखनऊ में योगी आदित्यनाथ ने लगाया पौधा, मां के नाम अनोखी मुहिम की शुरुआत
12:38 PM, Jun 5, 2026
R Express भारत
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बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच शुक्रवार को पूरी दुनिया में पर्यावरण को बचाने की बात हो रही है। इसी कड़ी में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश

लखनऊ में योगी आदित्यनाथ ने लगाया पौधा सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के बीच शुक्रवार को पूरी दुनिया में पर्यावरण को बचाने की बात हो रही है। इसी कड़ी में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रकृति को सहेजने का एक बड़ा संदेश सामने आया है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 5 जून 2026 को अपने लखनऊ स्थित 5, कालिदास मार्ग आवास पर पौधारोपण कर एक विशेष अभियान का आगाज किया। इस अभियान को 'एक पेड़ मां के नाम' नाम दिया गया है, जो न सिर्फ धरती को हरा-भरा बनाने बल्कि मां के प्रति सम्मान जताने का भी एक बेहतरीन जरिया बन रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि, 5 जून को योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन भी होता है। अपने इस खास दिन पर उन्होंने खुद हाथ में खुरपी थामकर मिट्टी खोदी और एक नया पौधा रोपा। इस मौके पर उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे अपने जीवन के हर खास मौके या जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लें।
5 करोड़ पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में इस बार पर्यावरण को लेकर बहुत बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। इस अभियान के तहत सिर्फ आज के दिन ही पूरे राज्य में लगभग 5 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम में आम जनता, सामाजिक संगठनों, स्कूल के बच्चों और अलग-अलग संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है ताकि इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से लेकर अलग-अलग जिलों में इस मुहिम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सिर्फ पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि तकनीक की मदद से उनकी निगरानी भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें और बड़े होकर पेड़ बन सकें।
कुकरैल में खुला 'महर्षि चरक औषधि वन'
आवास पर पौधा लगाने के बाद योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र भी पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ मिलकर 'महर्षि चरक औषधि वन' की शुरुआत की। इस खास जंगल में नीम, अर्जुन, अशोक और जामुन जैसे 200 से अधिक औषधीय पौधे लगाए गए हैं। वहां पहुंचे बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्होंने बच्चों को मिठाइयां भी बांटीं और उन्हें पेड़-पौधों के महत्व के बारे में समझाया।
प्रकृति से जुड़ने की पुरानी परंपरा
इस मौके पर एक खास संदेश साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हमेशा से पेड़-पौधों, नदियों और पहाड़ों को पूजनीय माना गया है। प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर इंसान कभी सुखी नहीं रह सकता। आज जिस तरह से देश के कई हिस्सों में भयंकर हीटवेव (गर्म हवाएं) और रिकॉर्डतोड़ तापमान देखने को मिल रहा है, उससे निपटने का एकमात्र परमानेंट इलाज सिर्फ और सिर्फ ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना ही है।यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को एक साफ-सुथरी हवा और सुरक्षित माहौल देना चाहते हैं, तो हमें आज ही जागरूक होना पड़ेगा।
आप भी बन सकते हैं इस मुहिम का हिस्सा'
एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सबसे अच्छी बात यह है कि,इसमें कोई भी भाग ले सकता है। आप अपने घर के आंगन, खेत, स्कूल, पार्क या किसी भी खाली जगह पर अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगा सकते हैं। इसके साथ ही लोग पौधे लगाते हुए अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर कर रहे हैं, जिससे दूसरे लोगों को भी इसके लिए प्रेरणा मिल रही है।

