होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

लखनऊ में युवा डॉक्टरों का मोर्चा: एरियर और समान मानदेय की मांग

2:01 PM, Oct 13, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

लखनऊ के प्रमुख हजरतगंज चौराहे पर स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा के समक्ष युवा चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

लखनऊ में युवा डॉक्टरों का मोर्चा: एरियर और समान मानदेय की मांग

मानदेय विसंगति पर भड़के युवा डॉक्टर फोटो सौ0 RExpress भारत

लखनऊ के प्रमुख हजरतगंज चौराहे पर स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा के समक्ष युवा चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के साल 2018, 2019 और 2020 बैच के पास-आउट चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध मानदेय में की जा रही बड़ी असमानता और लंबे समय से रुके हुए बकाए के भुगतान को लेकर है।

डिग्री और नियम एक, फिर मानदेय अलग क्यों?

प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकों का आरोप है कि उनकी पढ़ाई, डिग्री, अनुबंध के नियम और कार्य की प्रकृति पूरी तरह समान है। इसके बावजूद अलग-अलग बैच के साथियों को मिलने वाली मासिक राशि में भारी अंतर रखा जा रहा है। चिकित्सकों ने इसे पूरी तरह से अन्यायपूर्ण बताते हुए मांग की है कि सभी को

युवा डॉक्टरों के मुताबिक, चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद अनुबंध की शर्तों के तहत उन्हें ग्रामीण इलाकों में स्थित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं देना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार, प्रत्येक चिकित्सक को दो वर्ष की अनिवार्य सेवा देनी होती है, अन्यथा उन्हें 10 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि चुकानी पड़ती है। इस कठिन ग्रामीण सेवा के बदले उन्हें वर्तमान में महज 50 से 55 हजार रुपए प्रति माह की राशि दी जा रही है, जो उनके कार्य और वरिष्ठता के मुकाबले काफी कम है।एक समान मानदेय मिलना चाहिए।

सड़कों पर उतरने की मजबूरी

हाथों में तख्तियां लिए पहुंचे चिकित्सकों ने कहा कि वे केवल अपना हक मांग रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चौबीस घंटे सेवाएं देने के बाद भी उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तब जाकर उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया और विसंगतियों को दूर नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और तेज करेंगे। चिकित्सकों के इस कदम से आने वाले दिनों में दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले में उच्चाधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026