युवक ने PM मोदी को अपने खून से लिखा पत्र, अयोध्या राम मंदिर धन गबन मामले में की बड़ी मांग
2:28 PM, Jul 14, 2026
R Express भारत
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देवरिया जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे औ

युवक ने PM मोदी को अपने खून से लिखा पत्र फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। देवरिया जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान के पैसे में हुई हेराफेरी को लेकर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, देवरिया के एक कड़े रामभक्त ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे अपने खून से पत्र लिखकर इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष और आर-पार की जांच कराने की मांग कर डाली है। खून से लिखे इस खत की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
यह हैरान कर देने वाला वाकया देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अलावलपुर गांव का है। यहां के निवासी डॉ. आदित्य मिश्र, जो पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, उन्होंने इस अनोखे और बेहद भावुक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। आदित्य मिश्र का कहना है कि अयोध्या का राम मंदिर सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह देश-दुनिया के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की अटूट श्रद्धा, विश्वास और खून-पसीने की कमाई का प्रतीक है।
जब से मंदिर के चढ़ावे और पैसों में गड़बड़ी या गबन की खबरें सामने आई हैं, तब से हर एक सच्चे रामभक्त का दिल छलनी हो गया है। इसी दर्द और गुस्से को जाहिर करने के लिए उन्होंने किसी सामान्य स्याही का इस्तेमाल न करके, अपने ही खून से देश के प्रधान सेवक को चिट्ठी लिखी।
पत्र में की गई हैं ये मुख्य मांगें
डॉ. आदित्य मिश्र ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए अपने पत्र में साफ शब्दों में लिखा है कि इस पूरे मामले को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि,इस पूरे पैसे की हेराफेरी के पीछे जो भी बड़ी मछलियां या मास्टरमाइंड शामिल हैं, उनकी पहचान के लिए एक बहुत ऊंचे स्तर की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच टीम बनाई जाए।इस घिनौने काम को अंजाम देने वाले दोषियों को ऐसी सख्त से सख्त सजा दी जाए, जो आगे के लिए एक मिसाल बने।मंदिर के पैसे की पाई-पाई का हिसाब जनता के सामने पारदर्शी तरीके से रखा जाए।
वकील आदित्य मिश्र द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से ही अलावलपुर गांव समेत पूरे देवरिया जिले में यह मामला हर जुबान पर चढ़ गया है। लोग हैरान हैं कि एक पढ़े-लिखे कानून के जानकार ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इस पर आदित्य का कहना है कि, जब आस्था पर चोट लगती है, तो कानून और भावनाएं दोनों न्याय की गुहार लगाती हैं। फिलहाल, इस खून से लिखी चिट्ठी ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले पर दिल्ली दरबार या उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से क्या कड़ा रुख अपनाया जाता है।

