नशे के खिलाफ युवाओं ने उठाई कलम: बीकेटी इंटर कॉलेज में स्लोगन प्रतियोगिता से दिया बदलाव का संदेश
5:58 PM, Aug 11, 2026
R Express भारत
Share:
युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को एक नई दिशा देने के लिए बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में एक शानदार पहल देखने को मिली।

बीकेटी इंटर कॉलेज में नशा मुक्ति अभियान फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को एक नई दिशा देने के लिए बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में एक शानदार पहल देखने को मिली। कॉलेज की विज्ञान क्लब इकाई की तरफ से नशा मुक्त युवा–विकसित भारत अभियान के तहत एक स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद छात्र-छात्राओं को नशे के जाल और इसके खतरनाक नुकसानों के प्रति सचेत करना था, ताकि वे एक सेहतमंद और बेहतर समाज बनाने में अपना योगदान दे सकें।
इस प्रतियोगिता को लेकर छात्रों में गजब का उत्साह देखा गया। स्कूल के बच्चों ने इस आयोजन में बहुत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी सोच को कागज़ पर उतारा। छात्रों ने नशा मुक्ति, मजबूत समाज और देश की तरक्की को ध्यान में रखते हुए एक से बढ़कर एक संदेश लिखे। बच्चों की कलम से निकले नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो जैसे कई छोटे लेकिन गहरे अर्थ वाले नारों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन स्लोगन्स के जरिए बच्चों ने साफ कर दिया कि आज का युवा नशे जैसी बुराई के सख्त खिलाफ है।
कार्यक्रम के बीच में बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए विज्ञान शिक्षक और विज्ञान क्लब के प्रभारी हरिश्चन्द्र सिंह ने बेहद सरल शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहा कि, नशा सिर्फ उस व्यक्ति के शरीर और सेहत को ही खत्म नहीं करता, बल्कि हंसते-खेलते परिवार को भी उजाड़ देता है। इससे पूरे समाज की तरक्की रुक जाती है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे खुद तो हमेशा हर तरह के नशे से दूर रहें ही, साथ ही अपने आसपास के लोगों और समाज में भी नशा मुक्ति का यह जरूरी संदेश फैलाएं।
शिक्षक हरिश्चन्द्र सिंह ने युवाओं की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि, जब युवा नशे से दूर रहेंगे, तभी वे अपनी असली ताकत और ऊर्जा को सही जगह लगा पाएंगे। युवाओं की यही ऊर्जा आगे चलकर देश को मजबूत और कामयाब बनाने के काम आएगी।
अपने शिक्षक की इन बातों ने बच्चों के दिलों पर गहरा असर डाला। कार्यक्रम के आखिरी में सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे दिल से अपने गुरु की बात को अपनाया। बच्चों ने एक सुर में पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कसम खाई कि न हम खुद कभी नशा करेंगे और न ही अपने सामने किसी दूसरे को नशा करने देंगे। कॉलेज परिसर में गूंजी बच्चों की इस आवाज ने यह भरोसा जगाया कि, आने वाली पीढ़ी समाज को इस बुराई से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

