उत्तर प्रदेश/लखनऊ मे आयकर विभाग के छापों में एमआई बिल्डर्स के मनी मैनेजमेंट से अफसर भी चकराए हुए है। बता दे कि, 900 करोड़ के प्रोजेक्ट पर बिना लोन लिए काम कर रहे एमआई बिल्डर्स के यहां रविवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। जहां 500 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का चला पता। एमआई बिल्डर्स के खिलाफ आयकर विभाग की जांच में ये बड़ा खुलासा हुआ है।जांच में पता चला है कि, एमआई बिल्डर्स ने 900 करोड़ रुपये के अपने प्रोजेक्ट्स के लिए बैंक से कभी कर्ज नहीं लिया। जिसक बाद आयकर विभाग को शक हुआ की इतने बड़े प्रोजेक्ट को बिना बैके लोन के आखिर कैसे पूरा किया जा रहा है ?
आयकर विभाग के अधिकारी लगा रहे पता
इस खुलासे से अधिकारी हैरान हैं वहीं, दूसरी ओर छापों में मिले संपत्तियों के दस्तावेजों में करीब 500 करोड़ रुपये नकदी के संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला है। इसकी गहनता से जांच जारी है।आयकर विभाग के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि एमआई बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए वित्तीय प्रबंध कहां से हो रहा था।
नेताओ का काला धन एमआई बिल्डर्स के पास
आशंका है कि, तमाम राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स ने अपनी काली कमाई को एमआई बिल्डर्स के पास निवेश किया है। जिसे लखनऊ और एनसीआर के प्रोजेक्ट्स में खपाया गया है। इसके बदले में उनके नाम पर बेशकीमती बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।